गढ़शंकर, 3 नवंबर : बीती रात पंजाब पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर पाठकों तक समाचार पत्र पहुंचाने वाले वाहनों को घेर लिया, उनकी जांच की और उन्हें थाने जाकर पंजाब सरकार ने प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला किया है और यह एक अघोषित आपातकाल है, जिसे पंजाब के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह शब्द गढ़शंकर विधानसभा क्षेत्र की भाजपा प्रभारी निमिशा मेहता ने व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छ सरकार देने वाले और सभी को अपनी बात कहने की गारंटी देने वाले अब प्रेस की कलम से डरने लगे हैं, जिसके कारण वे प्रेस की लेखनी की जांच करने के लिए उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। यह सच है कि प्रेस को लिखने का अधिकार देश के संविधान में है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस पार्टी ने भी आपातकाल लगाकर लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की थी और उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था। यह बात आम आदमी पार्टी के नेताओं को याद रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी उनके खिलाफ सच्च लिखे और उन्होंने गाड़ियों को निशाना बनाकर साबित कर दिया है कि वे देश के संविधान में विश्वास नहीं करते। निमिषा मेहता ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जिसे गुलाम नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रेस ही सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर कर सकती है और अगर सरकार को इससे डर लगता है तो उसे जनता के हित में काम करना चाहिए। लोकतंत्र की हत्या के औजार… कामरेड रविंदर नीता। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉमरेड रविंदर नीटा ने कहा कि आतंकवाद के दौर में भी आज जैसा कुछ नहीं हुआ। अखबार ले जा रहे वाहनों की जाँच करके उन्हें थाने ले जाना गलत तरीका है। इससे सच की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, यह लोकतंत्र की हत्या के समान है। कैप्शन… भाजपा नेता निमिषा मेहता। कामरेड रविंद्र नीटा।
