प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने लिया था हिरासत में, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई
नई दिल्ली। तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके को शनिवार को राहत मिल गई। पुलिस ने उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां ₹50 हजार के पीस बॉन्ड पर उन्हें सशर्त रिहा कर दिया गया। एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें उस समय हिरासत में लिया था, जब वह प्रस्तावित तिरंगा मार्च में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
अभिजीत दीपके के खिलाफ आठ दिनों के भीतर यह दूसरी पुलिस कार्रवाई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। उस मामले में अगले दिन ₹50 हजार के मुचलके पर उन्हें रिहा कर दिया गया था।
तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया
जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके शुक्रवार को प्रस्तावित तिरंगा मार्च के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अभिजीत ने पुलिस से सवाल किया कि जब वह तत्काल कनॉट प्लेस नहीं जा रहे हैं, तो उन्हें रोका क्यों जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर उन्होंने ऐसा क्या किया है, जिसके चलते पुलिस उन्हें रोक रही है।
पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई किए जाने की बात कही। बताया गया है कि पुलिस ने उन्हें दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत नोटिस भी दिया था। इसके बावजूद वह सेंट्रल पार्क जाने पर अड़े हुए थे।
10 अक्टूबर को भी विमान से लिया था हिरासत में
इससे पहले 10 अक्टूबर को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके को एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। उस दौरान पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया था। अगले दिन अदालत ने तीनों को ₹50-₹50 हजार के मुचलके पर रिहा कर दिया था।
रिहाई के दौरान तीनों ने एक वर्ष तक शांति भंग नहीं करने से संबंधित बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे। अब आठ दिनों के भीतर अभिजीत दीपके के खिलाफ दूसरी कार्रवाई और उसके बाद मिली रिहाई ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
