इमिग्रेशन फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई, 59 लाख से अधिक की धोखाधड़ी उजागर
पुनीत महाजन। चंडीगढ़ : अवैध इमिग्रेशन फर्मों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सेक्टर-26 चंडीगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इमिग्रेशन धोखाधड़ी और फ्रॉड के कई मामलों में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान युवराज सोबती और हरनीत वालिया के रूप में हुई है, जो लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता बबीता ने अपने भाई विवेक कुमार की ओर से थाना सेक्टर-26 में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR नंबर 65 दिनांक 23 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी “M/S Truway Consultancy Pvt. Ltd.” नाम से इमिग्रेशन फर्म संचालित कर रहे थे। उनका कार्यालय सेक्टर-26 स्थित SOHO Workspace, टिंबर मार्केट में था। आरोपी लोगों को न्यूज़ीलैंड में नौकरी और वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। वे नौकरी के ऑफर लेटर, वीज़ा फाइलिंग और अन्य दस्तावेज तैयार कराने का भरोसा देते थे। शिकायतकर्ताओं से पैसे लेने के बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए थे।
पुलिस जांच में अब तक करीब 59 लाख 92 हजार रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-26 में पहले से भी कई धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट के मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2025 और 2026 की चार अलग-अलग एफआईआर शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपी युवराज सोबती मोहाली के सेक्टर-123 स्थित सनी एन्क्लेव का निवासी है, जबकि महिला आरोपी हरनीत वालिया फेज-6 मोहाली की रहने वाली है। दोनों ग्रेजुएट हैं और इमिग्रेशन कंसल्टेंट के रूप में कार्य कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
