असूज नवरात्रों में रात्रि 11 से 12 सिर्फ एक घंटे के लिए बंद होगा मंदिर, लंगर, भजन, कीर्तन व अन्य धार्मिक आयोजनों पर रहेगा प्रतिबंध

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नवरात्र मेले के लिए जिला प्रशासन ने जारी किए एसओपी
ऊना, 28 सितंबर: चिंतपूर्णी में 7 से 14 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले असूज नवरात्र मेले के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने कोविड-19 एसओपी जारी कर दी है। इस संबंध में मंदिर आयुक्त एवं उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को चलते हुए ही दर्शन करने की अनुमति रहेगी। हवन, यज्ञ और मंदिर परिसर में मण्डली पर प्रतिबंधित रहेगा। बिना दर्शन पर्ची के तीर्थयात्रियों को दर्शन करने की अनुमति नहीं होगी तथा निर्धारित स्थानों पर कोविड-19 लक्षणों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को धर्मशाला में केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही ठहरने की अनुमति रहेगी। मां चिंतपूर्णी के दर्शन पूरा दिन किए जा सकते हैं और मेले के दौरान मंदिर केवल रात्रि 11 बजे से 12 बजे तक सिर्फ एक घंटा दर्शन के लिए बंद रहेगा।
जिलाधीश राघव शर्मा ने कहा कि भजन, कीर्तन, सत्संग, भागवत व अन्य धार्मिक आयोजनों पर मंदिर परिसर में प्रतिबंध रहेगा। मंदिर परिसर में भीड़ ना हो, इसके लिए मंदिर सहायक आयुक्त दर्शन पर्ची जारी करना रोक सकेगा। एडीबी सदन श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। डीसी ने कहा कि भीड़ के दृष्टिगत चिंतपूर्णी क्षेत्र में अस्थाई दुकानें नहीं खुल सकेंगी तथा केवल सूखा प्रसाद ही चढ़ाया जा सकेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर में बैठने, खड़े होने तथा इंतजार करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में झंडा ले जाने की अनुमति नहीं होगी, केवल मंदिर अधिकारी द्वारा चिन्हित स्थान पर ही झंडा चढ़ाया जा सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए एसओपी
जिलाधीश राघव शर्मा ने कहा कि चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक (बिना लक्षणों वाले) श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि कोविड जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। श्रद्धालु दर्शन के लिए न्यू बस स्टैंड, चिंतपूर्णी सदन व शंभू बैरियर पर पंजीकरण और मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए संपर्क कर सकते हैं। आंगतुकों को मंदिर परिसर में गेट एक व दो के माध्यम से निर्धारित सामाजिक दूरी अपनाते हुए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जूतों को गाड़ी में ही उतारना होगा और यदि जरूरत पड़ती है, तो पुराना बस अड्डा के पास जूते रखने के स्थान को प्रयोग में लाया जा सकता है। श्रद्धालुओं को मां चिंतपूर्णी के दर्शानार्थ जाते समय पंक्ति में हर समय 6 फीट की सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी। आंगतुकों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पूर्व हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे। इसके लिए जगदंबा ढाबा, मंगत राम की दुकान के समीप व पुराना बस अड्डा के पास व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं का मूर्तियों, धार्मिक किताबों, घंटियों इत्यादि को छूना वर्जित रहेगा। भीड़ का इक्ठ्ठा होना पूर्व की भांति वर्जित रहेगा। संक्रमण फैलने के संभावित खतरे को देखते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ समूह गायन की अनुमति नहीं है। दिशा-निर्देशों के मुताबिक 60 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अपने घरों में रहने की सलाह दी जाती है।
पुजारियों के लिए एसओपी
राघव शर्मा ने कहा कि पुजारी श्रद्धालुओं को न तो प्रसाद वितरित करेंगे और न ही मौली बांधेंगे। उनके द्वारा किसी एक श्रद्धालु या श्रद्धालुओं के समूह के लिए पूजा अर्चना भी नहीं की जाएगी। कन्या पूजन और हवन आयोजन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुजारियों को भी कोरोना संक्रमण के लिए निर्धारित हिदायतों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। गर्भगृह में एक समय पर केवल दो पुजारियों को ही बैठने की अनुमति रहेगी।
चिंतपूर्णी सदन के लिए एसओपी
डीसी ने बताया कि चिंतपूर्णी सदन में श्रद्धालु पंजीकरण के लिए संपर्क करेंगे, इसके लिए पंजीकरण और चिकित्सीय परीक्षण हेतु समुचित काउंटरों की व्यवस्था होगी। वहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ हेतु उचित मात्रा में सुरक्षा सामाग्री की व्यवस्था रहेगी, साथ ही निर्धारित मापदंडों की अनुपालना भी सुनिश्चित करनी होगी। बीएमओ के साथ परामर्श करके आइसोलेशन कक्ष बनाया जाएगा। बाथरूम अथवा टॉयलेट सहित संपूर्ण परिसर को नियमित अंतराल पर सेनिटाइज करना होगा। चिंतपूर्णी सदन लंगर हॉल में सामुदायिक रसोई/लंगर/अन्नदान पर प्रतिबंधित रहेगा। पार्किंग फ्लोर पर पर्याप्त लोगों की व्यवस्था की जाए। सिम्टोमैटिक व्यक्ति को अलग किया जाएगा और उन्हें आसोलेशन रूम में भेजा जाएगा। निर्धारित सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए फर्श पर निशान बनाए जाएंगे।
दुकानदारों के लिए दिशा-निर्देश
डीसी ने कहा कि दुकानदार व होटल मालिकों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्टाफ और आगंतुकों द्वारा फेस कवर का प्रयोग, हाथों को धोना, सामाजिक दूरी जैसी हिदायतों की अनुपालना हो रही है। दुकानदार दुकान से बाहर विक्रय सामाग्री नहीं रखेगा। उल्लंघन करने वाले की दुकान तीन दिन के लिए बंद कर दी जाएगी।
होटल स्टाफ के लिए एसओपी
होटलों स्टाफ हर समय मास्क पहनने के प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। होटलों के प्रवेश द्वार पर आगंतुकों के लिए हाथों को सैनिटाइज करने का प्रावधान किया जाएगा। आगंतुक हर समय मास्क पहनना और सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित करें। सिम्टोमैटिक आगंतुकों को होटल में ठहरने की अनुमति नहीं होगी, उन्हें जांच के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। होटल मालिकों को पर्यटन विभाग द्वारा कोविड संबंधित एसओपी में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।
सफाई व्यवस्था में लगे स्टाफ के लिए एसओपी
मंदिर आयुक्त राघव शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मचारी निर्धारित वर्दी पहनेंगे। सेवा प्रदाता समय-समय पर स्वच्छता सुनिश्चित करेगा और दिन में तीन बार क्षेत्र की सफाई करवाएगा। एकत्र किए गए कचरे का निपटारा किया जाएगा। कर्मचारी व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। हाथ-पैर धोने के क्षेत्रों, रेलिंग, दरवाजों की नॉब वगैरह की निर्धारित समय पर प्रभावी ढंग से कीटाणुनाशक रसायन के माध्यम से सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करना होगा। सेवा प्रदाता मंदिर के एक कर्मचारी के साथ दिन में तीन बार स्वच्छता ऑडिट करेंगे तथा उसकी रिपोर्ट मंदिर अधिकारी को भेजेंगे।
पार्किंग एसओपी
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु शंभू बैरियर की ओर से गेट नंबर 1 व 2 और मुख्य बाजार से आते हुए चिंतपूर्णी सदन से प्रवेश करेंगे। मंदिर अधिकारी चिंतपूर्णी सदन और शंभू बैरियर पर पंजीकरण व मेडिकल स्क्रीनिंग का व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। तीर्थ यात्री नए बस स्टैंड और चिंतपूर्णी सदन के समीप पार्किंग स्थानों का उपयोग कर सकते हैं।
पुलिस व अन्य मंदिर कर्मचारियों के लिए एसओपी
राघव शर्मा ने कहा कि सभी पुलिसकर्मी, होम गार्ड व अन्य डयूटी कर्मचारी डयूटी समय पर मास्क का प्रयोग करेंगे। पुलिस कर्मी और होम गार्ड प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं में भीड़ एकत्रित न होने दें और सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि बिना मास्क श्रद्धालुओं का चालान किया जाएगा तथा बिना मास्क के मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नही होगी। पुलिस कर्मियों और होमगार्डों को अपने प्रवास और ड्यूटी के दौरान हर समय कोविड-19 से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
लिफ्ट के प्रयोग से संबंधित दिशा-निर्देश
जिलाधीश ऊना ने कहा कि दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए लिफ्ट का परिचालन किया जा सकता है और लिफ्ट के प्रत्येक प्रयोग के बाद सेनिटाइज किया जाएगा।
नकद गिनती के लिए एसओपी
मंदिर के नकद चढ़ावे की गिनती के लिए एक बार में छह व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी। नकदी चढ़ावे की गिनती में लगे व्यक्ति सामाजिक दूरी का पालन करेंगे और नकदी गिनते समय दस्ताने पहनेंगे। गिनती से पहले और बाद में गणकांे की सेनेंटाईजेंशन होगी।

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