अहिल्याबाई होलकर ने भारत और भारतीयता को नया आयाम दिया : जयराम ठाकुर

by
सामाजिक समरसता, न्याय प्रियता, सनातन संस्कृति के संरक्षण की अग्रदूत हैं लोकमाता होलकर
अहल्याबाई होलकर का जीवन प्रेरणादायक
बल्ह में आयोजित त्रिशताब्दी स्मृति अभियान की जिला स्तरीय कार्यशाला में बोले पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष
एएम नाथ। मंडी :  पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बल्ह में आयोजित रानी अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान में कहा कि हमें जीवन में अच्छे और बुरे दोनों कार्यों को हमेशा याद रखना चाहिये। इतिहास ऐसी कई घटनाओं का गवाह रहा है जहां कई समाजसुधारकों ने खुद पर आए कई संकटों के बाबजूद समाज को नई राह दिखाई है। ऐसा ही एक नाम अहल्याबाई होलकर जी का है जो तीन शताब्दी तक हम अधिकांश भारतीयों के लिए गुमनाम ही रही लेकिन हमारी पार्टी ने तय किया कि ऐसी महान शख्सियत के बारे आज की पीढ़ी को जानकारी हो इसलिये ऐसे कार्यक्रम किये जाएं ताकि हमारी युवा पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक, भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के पुनरुत्थान की अमर नायिका रही पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में ही ये कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज, जब हम नारी सशक्तिकरण की बात करते हैं, तो अहिल्याबाई जी का जीवन आदर्श बनकर हमारे सामने खड़ा होता है। उन्होंने साबित किया कि संकल्प, विवेक और धर्मपरायणता के साथ कोई भी स्त्री समाज और राष्ट्र की दिशा को बदल सकती है। रानी अहिल्याबाई होल्कर का संपूर्ण जीवन सेवा, समर्पण, त्याग और राष्ट्रधर्म के प्रति अपार निष्ठा का अद्भुत उदाहरण रहा है। उन्होंने नारी नेतृत्व की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत कर समाज को नई राह दिखाई है। जहाँ उन्होंने एक कुशल प्रशासक, न्यायप्रिय शासिका और धार्मिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण की वाहिका के रूप में कार्य किया वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर अनेक तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार तक, उनका हर कार्य सनातन मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक युगांतकारी प्रयास रहा है।
उन्होंने 18वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य के मालवा क्षेत्र पर उस समय शासन किया था जब औरतों को पति की मृत्यु पर सती तक होना पड़ता था लेकिन उनके ससुर जी ने उन्हें ऐसा करने से रोककर कहा था आपका जीवन इसके लिए नहीं है। आप समाज को नई राह दिखाने के लिए पैदा हुई हैं। उसके बाद उन्होंने अपनी बुद्धिमता, न्यायप्रियता, धर्मपरायणता और समाजसेवा से एक अमित छाप छोड़ी। यही कारण है कि उनका जीवन 300 से अभी अधिक वर्षों के बाद हमारे लिए प्रासंगिक है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए कई सुधार किए। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की और समाज में उनकी स्थिति को सुधारने का प्रयास किया। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई शिक्षण संस्थान खोले और शिक्षा को सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाया। उन्होंने बाल विवाह रोकने और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

वॉलीबॉल प्रतियोगिता में पुजारली नंबर-4 ने मारी बाजी : प्रतियोगिता के समापन अवसर पर शिक्षा मंत्री ने मुख्य अतिथि शिरकत की

एएम नाथ। शिमला,  20 जुलाई – शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज कोटखाई उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत बघाल में रॉयल्स स्पोर्ट्स क्लब बघाल द्वारा आयोजित प्रथम स्वर्गीय नरिंदर पुंटा मेमोरियल पंचायत स्तरीय वॉलीबॉल...
हिमाचल प्रदेश

फार्मासिस्ट के 7 पद बैच आधार पर अनुबंध पर भरे जाएंगे

ऊना, 20 मार्च: निदेशक चिकित्सा सेवाएं हिमाचल प्रदेश द्वारा भूतपूर्व सैनिकों व स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए फार्मासिस्ट के 7 पद बैच आधार पर अनुबंध पर भरे जाएंगे। यह जानकारी देते हुए जिला...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अंडर 14 खेल प्रतियोगिता में 18 स्कूलों के 262 छात्रों ने लिया भाग : शिक्षा मंत्री ने देओरी-खनेटी स्कूल में आयोजित खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में की शिरकत

शिमला, 17 जुलाई – शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज कोटखाई क्षेत्र के प्रवास के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देओरी-खनेटी में आयोजित अंडर 14 खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शिरकत की। शिक्षा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ग्रामीण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए खंड विकास अधिकारियों की अहम् भूमिका – DC अपूर्व देवगन

एएम नाथ। मंडी, 18 मार्च। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में आयोजित की गई,...
Translate »
error: Content is protected !!