उपायुक्त ने नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने के दिए निर्देश, सड़क सुरक्षा पर भी बल

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रोहित जसवाल।  ऊना, 28 अप्रैल. उपायुक्त जतिन लाल ने जिला में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में समन्वित प्रयासों के साथ-साथ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि समाज को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
वह आज मंगलवार को जिला परिषद के सभागार में एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति तथा इसके उपरांत आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने कहा कि एंटी-चिट्टा अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
जतिन लाल ने निर्देश दिए कि सभी नशा निवारण समितियां नियमित अंतराल पर बैठकें आयोजित करें तथा स्थानीय समुदाय, युवाओं, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ें। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने और संबंधित सूचनाएं तत्काल प्रशासन व पुलिस को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। जो सदस्य अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे हैं, उनकी जानकारी प्रशासन को दी जाए ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
उपायुक्त ने नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय समिति को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप केंद्रों की गहन जांच सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों पर विशेष बल दिया।
सड़क सुरक्षा पर बल, ब्लैक स्पॉट सुधार और लापरवाह चालकों पर सख्ती के निर्देश
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थलों की समीक्षा कर ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, आवश्यकतानुसार पैराफिट लगाने तथा तेज और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त जिला प्रशासन भी रेडक्रॉस के माध्यम से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगा।
उपायुक्त ने जिले के प्रमुख बाजारों में घोषित नो-पार्किंग एवं नो-वेंडिंग ज़ोन को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश देते हुए एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऊना शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेशनल हाईवे प्राधिकरण द्वारा लगाए जा रहे रेलिंग कार्य के दौरान पैदल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़क पार करने के लिए आवश्यक स्थानों पर गैप छोड़े जाने का निर्धारण एसडीएम ऊना द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सैनिक कैंटीन क्षेत्र में घोषित नो-पार्किंग एवं नो-वेंडिंग ज़ोन में किसी भी प्रकार की रेहड़ी लगाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई वहां सब्जी की दुकान स्थापित करना चाहता है तो उसे नगर निकाय से विधिवत अनुमति लेकर पक्की दुकान बनानी होगी।
उपायुक्त ने बड़ूही चौक में निर्धारित गति सीमा दर्शाने हेतु बड़ा सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु और अन्य वाहन चालक तय गति सीमा का पालन करें। इसके अतिरिक्त, पंजाब सीमा पर हिमाचल प्रवेश मार्ग पर सड़क धंसने के कारणों को लेकर होशियारपुर प्रशासन के साथ बैठक आयोजित करने तथा हिमाचल प्रवेश सीमा के विभिन्न स्थलों सहित मारवाड़ी स्थित आशा देवी स्थान पर भी आवश्यक सूचना बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता श्री चिंतपूर्णी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने बताया कि जिले में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा तथा सभी विभागों के समन्वित सहयोग से कार्रवाई तेज की जाएगी। उन्होंने केमिस्ट दुकानों के नियमित निरीक्षण, दवाओं के स्टॉक एवं रिकॉर्ड की जांच तथा प्रतिबंधित अथवा अवैध दवाओं की बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि रैश ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है।
बैठक में एएसपी संजीव भाटिया, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल, एसडीएम गगरेट सोमिल गौतम, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा और एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल,सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा, सहित पुलिस, लोक निर्माण, प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा विभिन्न पंचायत स्तरीय नशा निवारण समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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