सरकार-कर्मचारी संगठनों में बनी सहमति, लंबित भत्ते और मेडिकल दावे होंगे जारी
तीन घंटे की बैठक के बाद टला चक्का जाम, कर्मचारियों की कई मांगें मानी गईं
एएम नाथ। शिमला : हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल बुधवार को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बनी सहमति के बाद समाप्त हो गई। राज्य सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद चालक-परिचालक यूनियनों ने 25 जून से प्रस्तावित चक्का जाम और हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। इसके साथ ही वीरवार से प्रदेशभर में एचआरटीसी की बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी।
बैठक में एचआरटीसी प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि चालक-परिचालकों का 12 माह का लंबित ओटीए और एनओए (ओवरटाइम भत्ता) शीघ्र जारी किया जाएगा। इसके अलावा 7.10 करोड़ रुपये के लंबित मेडिकल प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान गुरुवार को कर्मचारियों के खातों में कर दिया जाएगा। यूनिफॉर्म भत्ते के लिए 1.50 करोड़ रुपये की राशि अगले दस दिनों में जारी करने तथा एक माह के भीतर नई वर्दी उपलब्ध करवाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में कर्मचारियों के वेतन का भुगतान प्रत्येक माह की पहली तारीख को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। चालक और परिचालकों की लंबित पदोन्नतियां 10 जुलाई 2026 तक पूरी करने पर भी सहमति बनी। वहीं 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूटों पर परिचालकों के लिए बसों में फ्रंट सीट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) और चालक यूनियन के प्रधान मान सिंह ठाकुर ने कहा कि सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जिसके चलते हड़ताल वापस लेने का फैसला किया गया।
बैठक में 4-9-14 एसीपी योजना से जुड़े मामलों को वित्त विभाग के समक्ष उठाने, मैडीपर्सन एक्ट संबंधी प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर सरकार को भेजने तथा चालकों के विशेष भत्ते के मुद्दे को निदेशक मंडल की अगली बैठक में रखने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में एचआरटीसी और कर्मचारी संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
