कंचनप्रीत गिरफ्तार :अमृतसर में 6 घंटे हुई पूछताछ : सरकार राजनीतिक बदले के तहत कार्रवाई कर रही – वल्टोहा

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तरनतारन  : तरनतारन उपचुनाव में अकाली दल उम्मीदवार सुखविंदर कौर की बेटी कंचनप्रीत कौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कंचनप्रीत पर उपचुनाव के दौरान 4 अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। आज दोपहर करीब 12 बजे कंचनप्रीत मजीठा पुलिस स्टेशन पहुंचीं, जहां उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे उन्हें हिरासत में ले लिया गया।  कंचनप्रीत कौर की वकीन ने कहा कि कल उन्हें तरनतारन की कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कंचनप्रीत को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया है। उनका आरोप है कि पंजाब की परंपरा में विरोधियों की बहू-बेटियों का सम्मान होता है, लेकिन पहली बार राजनीतिक प्रोपेगेंडा के तहत केस दर्ज किए जा रहे हैं ताकि किसी युवा नेता को आगे बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अदालत ने कंचनप्रीत को गिरफ्तारी से राहत दी और निर्देश दिया कि किसी नए मामले में 7 दिन पहले सूचना दी जाए।

पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कंचनप्रीत को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया है। उनका आरोप है कि पंजाब की परंपरा में विरोधियों की बहू-बेटियों का सम्मान होता है, लेकिन पहली बार राजनीतिक प्रोपेगेंडा के तहत केस दर्ज किए जा रहे हैं ताकि किसी युवा नेता को आगे बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अदालत ने कंचनप्रीत को गिरफ्तारी से राहत दी और निर्देश दिया कि किसी नए मामले में 7 दिन पहले सूचना दी जाए। वल्टोहा ने आरोप लगाया कि कंचनप्रीत को गिरफ्तार न करने पर एक ईमानदार एसएसपी को सस्पेंड कर दिया गया, जो युवा अधिकारियों के साथ नाइंसाफी है। वहीं, कंचनप्रीत ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार किया और केवल यह कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है। वल्टोहा ने दावा किया कि कंचनप्रीत की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि अधिकारी भी कह रहे हैं कि 2027 में वह विधायक बन सकती हैं।

पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि कंचनप्रीत कौर को झबाल थाने में 11 नवंबर को दर्ज एफआईआर नंबर 208 में गिरफ्तार किया गया है। यह एफआईआर पहले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थी, लेकिन बाद में इसमें कंचनप्रीत का नाम जोड़ दिया गया। वल्टोहा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के नियमों के मुताबिक, 7 साल से कम सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी से पहले 7 दिन का नोटिस देना जरूरी होता है, जिसे पंजाब पुलिस ने नजरअंदाज किया। इस एफआईआर में धाराएं 174, 351(2), 51(3) और 111 बीएनएस शामिल हैं, जो सभी 7 साल से कम सजा वाली हैं।  पुलिस ने आज की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उनकी गिरफ्तारी की है। इससे पहले मजीठा थाने पहुंचने से पहले कंचनप्रीत मीडिया के सामने आईं और सिर्फ इतना कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वहीं साथ मौजूद वल्टोहा ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक बदले के तहत कार्रवाई कर रही है।

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