कनाडा में फर्जी रिश्तों पर सख्ती : कॉन्ट्रैक्ट मैरिज से जुड़े मामलों में बढ़ा कानूनी जोखिम

by

विवाह या रिश्ते के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी देने पर आवेदन खारिज होने के साथ कनाडा में प्रवेश पर प्रतिबंध लग सकता है

कनाडा ने फर्जी रिश्तों और कथित कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के जरिए इमिग्रेशन हासिल करने के मामलों पर सख्ती बढ़ा दी है। विवाह या रिश्ते से संबंधित जानबूझकर गलत जानकारी देना कनाडा की आव्रजन व्यवस्था में गंभीर धोखाधड़ी माना जा सकता है। ऐसे मामलों में आवेदन खारिज होने के अलावा कनाडा में प्रवेश पर कम से कम पांच साल का प्रतिबंध लगने का जोखिम है। फर्जी दस्तावेज या जानबूझकर की गई धोखाधड़ी के मामलों में आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है।

गलत जानकारी के आधार पर इमिग्रेशन स्टेटस हासिल करने के बाद भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बनी रहती है। यह मामला पंजाब के लिए खास महत्व रखता है, जहां शादी के जरिए विदेश जाने से जुड़े कथित कारोबारी सौदों की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

‘आईईएलटीएस पास लड़की चाहिए’ जैसे सौदों से बदनाम हुआ कारोबार

आव्रजन विशेषज्ञ सुकांत त्रिवेदी के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का चलन लंबे समय से मौजूद है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के ट्रैवल और इमिग्रेशन कारोबार की छवि प्रभावित हुई है। उनके मुताबिक, बाजार में ‘‘आईईएलटीएस पास लड़की चाहिए’’ और ‘‘छह या साढ़े छह बैंड वाली लड़की चाहिए’’ जैसी मांगें सुनने को मिलती रही हैं। शादी को कनाडा जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने के लिए सौदे किए जाने के आरोप भी सामने आते रहे हैं।

त्रिवेदी का कहना है कि कुछ लोगों की ऐसी गतिविधियों का असर उन एजेंसियों और कारोबारियों पर भी पड़ता है, जो वैध तरीके से काम करते हैं। कनाडा में रिश्ते की वास्तविकता की जांच को लेकर सख्ती बढ़ने से ऐसे मामलों पर असर पड़ सकता है।

रिश्ता वास्तविक है या नहीं, जांच में देखे जा सकते हैं कई पहलू

अधिकारियों की जांच में पति-पत्नी के रिश्ते की वास्तविकता का आकलन किया जा सकता है। इसमें दोनों के बयानों में समानता, मुलाकातों और साथ बिताए समय से जुड़े प्रमाण, शादी के दस्तावेज, तस्वीरें और आपसी संपर्क जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में जांच का तरीका और दायरा परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।

सोशल मीडिया या निजी बातचीत की जांच भी हर मामले में एक जैसी नहीं होती और परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।

स्पॉन्सर पर तीन साल तक आर्थिक जिम्मेदारी

कनाडा की पति-पत्नी स्पॉन्सरशिप व्यवस्था में स्पॉन्सर पर आर्थिक जिम्मेदारी भी तय होती है। पति या पत्नी को स्पॉन्सर करने वाले व्यक्ति की यह जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति के स्थायी निवासी बनने के बाद शुरू होकर तीन साल तक जारी रहती है। रिश्ता टूट जाने के बावजूद यह जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।

विशेषज्ञों के अनुसार, केवल कनाडा पहुंचने के उद्देश्य से शादी करना या करवाना दोनों पक्षों के लिए कानूनी और आर्थिक जोखिम पैदा कर सकता है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

11 IPS अधिकारियों के किए तबादले : सतिंदर सिंह बने जालंधर के नए पुलिस कमिश्नर

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के 11 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत जालंधर पुलिस कमिश्नरेट...
article-image
दिल्ली , पंजाब , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

2 की मौत, 20 घायल : ढलियारा में पलटा पंजाब के श्रद्धालुओं से भरा ट्रक

एएम नाथ। काँगड़ा :  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के ढलियारा में पंजाब के बठिंडा से मां चामुंडा मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक ट्रक (PB 03B Q 1344) बस से टकरा कर पलट...
article-image
पंजाब

मानवता की तंदरुस्ती व सेवा के लिए एक नर्स का बड़ा योगदान होता – बीबी सुशील कौर

गुरू नानक मिशन चैरीटेबल अस्पताल कुकड़मजारा में मनाया अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस गढ़शंकर: गुरू नानक मिशन चैरीटेबल अस्पताल कुकड़मजारा में ट्रस्ट के अध्यक्ष बीबी सुशील कौर के नेतृत्व में अस्पताल में मैडीकल सुपरडैंट डा. सोहन...
Translate »
error: Content is protected !!