कृष्णगढ़ उप तहसील को 35 वर्षों में नहीं मिला तहसील का दर्जा, 12 पटवार सर्कलों के लोग मायूस

by

नायब तहसीलदार का पद एक माह से रिक्त

कुठाड़, 2 जुलाई (तारा) : जिला सोलन की सबसे पुरानी उप तहसील कृष्णगढ़ को 35 साल बीत जाने के बाद भी तहसील का दर्जा नहीं मिल पाया है।यह उप तहसील 35 वर्ष का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद अपग्रेड ( स्तरोन्नत ) होने की राह देख रही है। जानकारों का कहना है कि प्रदेश व जिला में इस उप तहसील के बाद स्थापित हुई अन्य उप तहसीलों के दर्जे बढ़ चुके हैं। लेकिन इस उप तहसील का दर्जा नहीं बढ़ने से क्षेत्र के 12 पटवार सर्कलों के लोग मायूस हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 1989 में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. राजा वीरभद्र सिंह की सरकार ने व कृष्णगढ़ के स्थानीय समाजसेवी राणा अरुण सेन के प्रयासों से कृष्णगढ़ को उप तहसील का दर्जा दिया था।उप तहसील भवन के लिए क्षेत्र के समाजसेवी राणा अरुण सेन ने भूमि दान कर विभाग ने यहां भवन बनाया था।
पूर्व की भाजपा सरकार के समय दून के पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी के प्रयासों से पूर्व मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर ने इसकी वरिष्ठता को देखते हुए चुनाव से पूर्व इस उप तहसील को तहसील का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की थी। घोषणा की कुछ दिन बाद यहां पर तहसीलदार की तैनाती भी कर दी थी।लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद वर्तमान सरकार ने इसको डिनोटिफाइड कर इस फैसले को पलट दिया व फिर से यह उप तहसील बन कर रह गई।
ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के प्रधान पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि इस उप तहसील का दर्जा बढ़ाया जाना वाजिब है।क्योंकि कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें करवाने के लिए ग्रामीणों को 40 किलो मीटर दूर कसौली तहसील में जाना पड़ता है। क्योंकि इस उप तहसील में कॉपिंग एजेंसी,निशानदेही व इंतकाल की नकल, जमांदार ब्रांच, समन दर्ज व तामील करने जैसी राजस्व सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।स्थानीय कृष्णगढ़ रियासत के वंशज राणा अरुण सेन ने कहा कि तहसील का यह भवन 40 वर्ष पूर्व बिना किसी योजना के बनाया गया था।अब यह भवन क्षतिग्रस होने लगा है।उन्होंने कहा कि नया भवन बनाने के लिए उन्होंने सड़क के साथ भूमि दान की है,जिसका विभागीय कर्मियों ने निरीक्षण भी किया है,लेकिन आगामी कार्यवाही नहीं हुई है।राणा अरुण सेन ने दून के विधायक चौधरी रामकुमार व विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में उचित कार्यवाली करने की मांग की है। राणा अरुण सेन ने चिंता जताई कि पिछले एक महीने से यहां नायब तहसीलदार का पद खाली है,जिससे लोगों के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।वहीं पिछले एक माह से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।उन्होंने सरकार के उच्च अधिकारियों से शीघ्र नायब तहसीलदार की नियुक्ति की मांग उठाई है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

कर्मचारियों की मांगों पर प्रशासन गंभीर — ज्वाइंट एक्शन कमेटी की कमिश्नर से सकारात्मक बैठक, कई मांगों पर बनी सहमति

चंडीगढ़ | पुनीत महाजन : ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन एंड एम.सी. एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स, चंडीगढ़ की एक महत्वपूर्ण बैठक भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के सह-प्रभारी संजय टंडन जी के नेतृत्व में...
article-image
हिमाचल प्रदेश

आन कॉल भी घर आएंगे डॉक्टर ….एंबुलेंस घर आएगी मुफ्त होगा इलाज : एक और गारंटी पूरी करने की तैयारी में सरकार

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों का घर-द्वार पर उपचार होगा। एंबुलेंस घर आएगी। इसमें डॉक्टर, नर्स और एक फार्मासिस्ट रहेगा। डॉक्टर घर पर ही मरीजों का उपचार करेंगे। मरीजों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विधान मंडलों की कार्यप्रणाली में एकरूपता जरूरी : कुलदीप सिंह पठानिया

मैसूर में पीठासीन अधिकारियों की बैठक में शामिल हुए हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया संसद और विधानसभाओं के नियमों में समानता राष्ट्रहित में अहम कदम : पठानिया एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें : DC मुकेश रेपसवाल

एएम नाथ। चंबा : उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना है योजना...
Translate »
error: Content is protected !!