केंद्र के धन का सही उपयोग नहीं कर रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

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‘केंद्र की योजनाओं का श्रेय छिपा रही प्रदेश सरकार, विकास परियोजनाएं धीमी’

बल्क ड्रग पार्क और स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही का आरोप

एएम नाथ। शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर केंद्र सरकार से मिलने वाली विकास निधि के समुचित उपयोग में विफल रहने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार न केवल केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही धनराशि का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर रही है, बल्कि विभिन्न योजनाओं में केंद्र के योगदान का उल्लेख भी नहीं करती। उन्होंने कहा कि कई केंद्रीय योजनाओं की समय-सीमा समाप्त होने को है, लेकिन उनसे जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति बेहद धीमी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बाह्य सहायता प्राप्त और केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन राज्य सरकार जनता को यह नहीं बता रही कि इन योजनाओं में केंद्र का कितना बड़ा योगदान है। उनका आरोप था कि सरकार का अधिक ध्यान केंद्र सरकार की आलोचना करने पर है, जबकि विकास कार्यों में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रत्येक पीजी सीट के बदले हिमाचल को डेढ़ करोड़ रुपये की सहायता दे रही है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार इस सहयोग का उल्लेख नहीं करती। उन्होंने कहा कि केंद्र ने सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक निवेश किया है। ₹40,000 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, ₹2,911 करोड़ का रेलवे बजट, आईआईएम सिरमौर, आईआईआईटी ऊना, स्मार्ट सिटी मिशन तथा एम्स बिलासपुर जैसी परियोजनाएं केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सफल नहीं रही। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत ₹521 करोड़ में से लगभग आधी राशि खर्च नहीं की गई। इसके अलावा बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र द्वारा स्वीकृत ₹1,000 करोड़ में से जारी ₹225 करोड़ की राशि में केवल ₹102.13 करोड़ ही खर्च किए गए। वहीं चिकित्सा उपकरण पार्क परियोजना से राज्य सरकार के पीछे हटने के कारण केंद्र की ओर से जारी ₹30 करोड़ की पहली किस्त लौटानी पड़ी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की निर्णयहीनता और लापरवाही के कारण हिमाचल निवेश, उद्योग और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित रह गया। उन्होंने सरकार से प्रदेश हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और केंद्र से मिलने वाली सहायता का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की।

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