फसल बीमा योजना के तहत जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक, किसानों को 31 अगस्त तक बीमा करवाने की सलाह
एएम नाथ। चंबा : उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्निर्मित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को फसल बीमा योजनाओं से जोड़ने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर कार्यों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि खरीफ सीजन-2026 के तहत किसानों को 31 अगस्त तक फसल बीमा कवर उपलब्ध रहेगा। किसान लोक मित्र केंद्र, जन सेवा केंद्र अथवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा करवाने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि मक्का और धान की फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर 1200 रुपये के प्रीमियम पर 60 हजार रुपये तक का बीमा कवरेज प्रदान किया जा रहा है। सभी ऋणी किसानों को संबंधित वित्तीय संस्थान द्वारा स्वतः बीमित किया जाएगा। योजना का लाभ नहीं लेने वाले ऋणी किसान बैंक में घोषणा पत्र जमा करवा सकते हैं।
उपायुक्त ने विभिन्न बैंकों और संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को फसल बीमा योजना के दायरे में लाने पर जोर दिया। कृषि विभाग को एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
उपनिदेशक कृषि डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि रबी 2025-26 में 7346 किसानों की 814.15 हेक्टेयर गेहूं व जौ की फसल को बीमा कवर दिया गया। खरीफ 2026 में अब तक 5376 किसानों की 625.89 हेक्टेयर मक्का व धान की फसल का बीमा किया जा चुका है। किसानों में जागरूकता के लिए 165 से अधिक शिविर भी लगाए गए हैं।
बैठक में जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक डीसी चौहान, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों और बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।
