बठिंडा : भाजपा नेता और चिकित्सक डॉ. तरसेम गर्ग के क्लिनिक पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में बठिंडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि गिरफ्तारी के बाद दोनों ने पुलिस हिरासत से फरार होने का प्रयास किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों को पूछताछ के बाद वापस लाया जा रहा था। इसी दौरान बठिंडा-मुक्तसर हाईवे पर उन्होंने वाहन रुकवाने के लिए पेशाब जाने का बहाना बनाया। जैसे ही गाड़ी रुकी, दोनों आरोपियों ने फ्लाईओवर से नीचे छलांग लगाकर भागने की कोशिश की। हादसे में दोनों के हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं।
घटना के तुरंत बाद सीआईए स्टाफ-2 और काउंटर इंटेलिजेंस बठिंडा की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को दोबारा हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फाजिल्का जिले के खुइयां सरवर क्षेत्र के रहने वाले 21 वर्षीय नाखुल कुमार राजपूत और 22 वर्षीय गुरविंदर सिंह उर्फ उल्ली के रूप में हुई है।
22 जून की रात हुई थी वारदात : जानकारी के मुताबिक, 22 जून 2026 की रात विशाल नगर स्थित डॉ. तरसेम गर्ग के हैनेमन होमियो क्लिनिक को निशाना बनाया गया था। बाइक सवार दो युवकों ने कथित तौर पर पेट्रोल बम से भरी कांच की बोतल क्लिनिक की ओर फेंकी थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
घटना के बाद थाना कोतवाली बठिंडा में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान की। शिकायतकर्ता पक्ष के बयानों के बाद मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी नामजद किया गया।
3 हजार रुपये के लालच में वारदात : प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे तीसरे आरोपी ने दोनों युवकों को वारदात को अंजाम देने के बदले 3-3 हजार रुपये देने का वादा किया था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी : मामले का तीसरा आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
