होशियारपुर : पंजाब के होशियारपुर स्थित केंद्रीय जेल के भीतर से एक गैंगस्टर द्वारा बनाए गए कथित वायरल वीडियो से जुड़ी जांच के सिलसिले में जेल के अतिरिक्त अधीक्षक, एक वार्डर और 10 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने बताया कि एसआईटी द्वारा कैदी मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना के कथित वायरल वीडियो की जांच के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। यह वीडियो 14 जून को सोशल मीडिया पर सामने आया था। पुलिस ने बताया कि 14 जून को जेल में तलाशी के दौरान मनप्रीत के कब्जे से बिना सिम कार्ड वाला एक मोबाइल फोन बरामद किया गया था जिसके बाद इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई।
जांच के दौरान एसआईटी ने पाया कि इस मामले में जेल के कैदियों, जेल के बाहर के सहयोगियों और जेल अधिकारियों का एक नेटवर्क सक्रिय था। गिरफ्तार किए गए जेल अधिकारियों की पहचान होशियारपुर केंद्रीय जेल के अतिरिक्त अधीक्षक हरभजन सिंह और वार्डर रविंदर सिंह के रूप में हुई है। दोनों जेल अधिकारियों के अलावा गिरफ्तार किए गए लोगों में मनप्रीत सिंह, जेल से पेशी वारंट पर लाए गए कई कैदी तथा बाहर से उनकी कथित तौर पर मदद करने वाले लोग शामिल हैं।
एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं और लाखों रुपये के वित्तीय लेन-देन का भी पता चला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि दोनों जेल अधिकारियों ने धनराशि प्राप्त की और अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन नहीं किया। हालांकि, इन भुगतानों का वास्तविक उद्देश्य अभी जांच के दायरे में है। पुलिस ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आरोपियों से कथित मिलीभगत के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और इसमें आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दोनों अधिकारियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग करते हुए अदालत में पेश किया जाएगा। यह मामला एक कथित वीडियो से जुड़ा है जिसमें बठिंडा जिले के तलवंडी साबो निवासी मनप्रीत सिंह ने जेल कर्मियों पर उत्पीड़न, धन की मांग और जेल के भीतर मादक पदार्थों की उपलब्धता के आरोप लगाए थे।
मनप्रीत ने यह भी दावा किया था कि कुछ जेलकर्मियों ने कैदियों के साथ मारपीट की और उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जेलों में सुधार करने की अपील की थी। वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने आरोपों की जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान जेल के अंदर मनप्रीत सिंह के कब्जे से बिना सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन बरामद किया गया।
इस वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया था। विपक्षी नेताओं ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद एक कैदी कथित तौर पर वीडियो कैसे बना सका और कैसे प्रसारित कर सका। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
