चंडीगढ़। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) ने आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों पर लगातार बढ़ाए जा रहे गैर-विभागीय कार्यों का कड़ा विरोध करते हुए ब्लू और स्मार्ट राशन कार्डों की वेरिफिकेशन के लिए लगाई गई अतिरिक्त ड्यूटी का सर्वसम्मति से बहिष्कार करने का फैसला किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने गैर-विभागीय ड्यूटियां बंद नहीं कीं तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
यूनियन की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष कामरेड हरजीत कौर पंजोला की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में ऑल इंडिया फेडरेशन की महासचिव कामरेड ऊषा रानी और राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड ए.आर. सिंधू विशेष रूप से शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव कामरेड सुभाष रानी ने संगठन की मजबूती, आंगनवाड़ी स्कीम की वर्तमान स्थिति तथा आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों से उनके मूल कार्यों के अलावा लगातार अन्य विभागों के काम करवाए जा रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
बैठक में ‘नन्हे कदम’ के तहत बाहरी ऐप्स के माध्यम से काम करवाने पर भी आपत्ति जताई गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्करों को लगातार मोबाइल ऐप्स और गैर-विभागीय कार्यों में उलझाया जा रहा है, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों से संबंधित मूल जिम्मेदारियां प्रभावित हो सकती हैं।
यूनियन ने स्पष्ट कहा कि ब्लू/स्मार्ट राशन कार्डों की वेरिफिकेशन के लिए लगाई गई अतिरिक्त ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही सरकार से मांग की गई कि आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को गैर-विभागीय कार्यों से तत्काल मुक्त किया जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और गैर-विभागीय ड्यूटियां बंद नहीं की गईं तो संगठन आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर और अधिक तीखा संघर्ष शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
बैठक में वित्त सचिव अमृतपाल कौर, उपाध्यक्ष कृष्णा कुमारी, बलराज कौर, अनूप कौर, गुरमीत कौर, गुरविंदर कौर, गुरमेल कौर, गुरबख्श कौर और जसविंदर कौर नीलोवाल उपस्थित रहीं।
इसके अलावा सचिव रणजीत कौर, मनदीप कुमारी, सरजीत कौर, भिंदर कौर, गोसल, गुरदीप कौर, लखविंदर कौर नवांशहर, निरलेप कौर और राज कौर सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारी और यूनियन नेता भी बैठक में मौजूद रहे।
प्रमुख मांग
आंगनवाड़ी कर्मचारियों से गैर-विभागीय ड्यूटियां बंद की जाएं और उन्हें केवल आंगनवाड़ी सेवाओं से संबंधित कार्य ही सौंपे जाएं।
