“विज्ञापनों से लाखों की कमाई, फिर यात्रियों के लिए पंखों की व्यवस्था क्यों नहीं?”
पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 11 जून। चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित सिविल अस्पताल के सामने एवं फन रिपब्लिक थिएटर के समीप बने बस स्टैंड पर यात्रियों को भीषण गर्मी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन हजारों यात्रियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले इस महत्वपूर्ण बस स्टैंड पर पंखों की व्यवस्था न होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
यह शब्द मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय, चेयरमैन सुभाष धीमान तथा भारतीय एकता मंच (पंजीकृत) चंडीगढ़ के जनरल सेक्रेटरी एवं संस्थापक पुनीत महाजन ने संयुक्त रूप से कहे कि वर्तमान में चंडीगढ़ का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद बस स्टैंड पर यात्रियों को राहत देने के लिए एक भी पंखा उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस बस स्टैंड से प्रतिदिन हजारों लोग सेक्टर-16 सिविल अस्पताल, जीएमसीएच-32, पीजीआई, सेक्टर-17, आईटी पार्क, मंसादेवी मंदिर, जिला अदालत, हाईकोर्ट, सचिवालय, पंचकूला, मोहाली, डेराबस्सी, खरड़ तथा चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के लिए सफर करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे, विद्यार्थी, कर्मचारी, मजदूर और मरीज शामिल होते हैं, जिन्हें बसों की प्रतीक्षा के दौरान भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ता है।
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि बस स्टैंड के चारों ओर बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड लगे हुए हैं, जिनसे लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। यदि विज्ञापनों से आय अर्जित की जा सकती है तो यात्रियों की सुविधा के लिए पंखे और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में आखिर क्या बाधा है? उन्होंने सवाल उठाया कि जनता से लिया जाने वाला किराया और राजस्व आखिर किन सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन समय-समय पर बस किराए में वृद्धि करता है, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। यह स्थिति आम नागरिकों के साथ अन्याय के समान है। जनता को सम्मानजनक और सुविधाजनक सार्वजनिक सेवाएं मिलना उसका अधिकार है।
पुनीत महाजन ने मांग की कि केवल मनीमाजरा बस स्टैंड ही नहीं, बल्कि चंडीगढ़ और आसपास के गांवों के सभी बस स्टॉप पर पंखों एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक पार्कों में पीने के पानी, शौचालयों और बाथरूमों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले सड़कों, गटरों, नालियों और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम तथा संबंधित विभागों से अपील की कि “स्मार्ट सिटी” की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए और आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
इस अवसर पर बस स्टैंड का उपयोग करने वाले यात्रियों ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में बसों की प्रतीक्षा करना किसी परीक्षा से कम नहीं है। कई बार बसों के आने में देरी हो जाती है और तब तक लोग गर्मी से बेहाल हो जाते हैं।
यात्रियों ने प्रशासन से सवाल किया, “आखिर कब तक हम झुलसाती गर्मी में बसों का इंतजार करते रहेंगे? कब मनीमाजरा बस स्टैंड पर पंखों की सुविधा उपलब्ध होगी?”
यात्रियों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल इतनी अपेक्षा रखते हैं कि प्रतिदिन हजारों लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले बस स्टैंड पर कम से कम पंखों और ठंडे पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उधर नरेंद्र नरेंद्र जतक अध्यक्ष ने बोला कि मोहाली खरड़ के आसपास भी इन सब सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए यह पंजाब सरकार के उच्च अधिकारियों से निवेदन है
सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने चंडीगढ़ प्रशासन, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) तथा नगर निगम से मांग की है कि जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मनीमाजरा बस स्टैंड सहित शहर के अन्य प्रमुख बस स्टॉपों पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके।