चंबा साहित्य उत्सव 2026-शब्द, संस्कृति और सृजन का संगम का हुआ भव्य शुभारंभ

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प्रख्यात साहित्यकार एवं संपादक बलराम ने की अध्यक्षता

मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने में पुस्तकों की भूमिका महत्वपूर्ण

एएम नाथ। चंबा : चंबा साहित्य उत्सव 2026 “शब्द, संस्कृति और सृजन का संगम” का भव्य शुभारंभ आज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंबा के सभागार में किया गया।
साहित्य उत्सव की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार एवं संपादक बलराम ने की।
इस अवसर पर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, देश के प्रसिद्ध साहित्यकार राम प्रकाश द्विवेदी, शिव नारायण, अजेय, भावना शेखर, रंजीता सिंह फ़लक, चाहत अन्वी,अविनाश मिश्र, प्रशांत रमण रवि, हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पृथीपाल सिंह सहित हिमाचल प्रदेश से अजेय, प्रदीप सैनी व चंबा से शरत शर्मा, मोनिका उपासना पुष्प, सुभाष साहिल अनेक प्रसिद्ध कवि-साहित्यकार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रख्यात साहित्यकार एवं संपादक बलराम ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत ही नहीं बल्कि वे मनुष्य के अंतर्मन को विकसित करने वाली एक महत्वपूर्ण शक्ति भी हैं। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थी वर्ग से अधिकाधिक पुस्तकें पढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति के बौद्धिक विकास के साथ-साथ समाज में मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने “पुस्तकों से क्या चाहा जाता है” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महान साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर सहित गुलज़ार, कु़ंवर नारायण और अरुण देव के साहित्यिक दृष्टिकोण को उदाहरण स्वरूप रेखांकित किया।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने उपस्थित साहित्यकारों का स्वागत करते हुए कहा कि डिजिटल युग में युवाओं में पुस्तकों के प्रति रुचि और पठन-पाठन की आदत विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में पुस्तकों का विशेष महत्व है, क्योंकि पढ़ने की आदत भाषा, ज्ञान और व्यापक दृष्टिकोण के विकास में सहायक होती है।
उन्होंने चंबा के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से चंबा की संस्कृति और विशेषताओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से सभी साहित्यकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर कविता उत्सव और शाम-ए-ग़ज़ल का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पुस्तक मेले तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शनी इकाइयां भी स्थापित की गई।
कार्यक्रम का संचालन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रख्यात कवि प्रशांत रमण रवि ने किया।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त राहुल धीमान, प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंबा राकेश राठौर, जिला विकास अधिकारी तेवेंद्र चनोरिया, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा उपस्थित रहे।

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