जीभी घाटी में बिना पंजीकरण चल रही पर्यटन गतिविधियों पर गिरेगी गाज

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पर्यटन व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद तेज, जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने किया दो दिवसीय निरीक्षण, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को प्राथमिकता देने पर हुई चर्चा

जिम्मेदार पर्यटन का मॉडल बनेगी जीभी घाटी, प्रशासन ने बनाई रणनीति

बंजार (परस राम भारती): जिला कुल्लू के बंजार सराज क्षेत्र की प्रसिद्ध जीभी घाटी में पर्यटन गतिविधियों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी कुल्लू डॉक्टर रोहित शर्मा ने अपने फील्ड स्टाफ के साथ दो दिवसीय निरीक्षण एवं नियमित जांच अभियान चलाया। इस दौरान घाटी में संचालित विभिन्न पर्यटन इकाइयों, होमस्टे, होटल और साहसिक पर्यटन गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पर्यटन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी पर्यटन गतिविधियां निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार संचालित हो रही हैं या नहीं।

अभियान के बाद जीभी वैली पर्यटन विकास संघ के अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों के साथ एक विस्तृत बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में जीभी घाटी सिराज को जिला और प्रदेश स्तर पर जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन का आदर्श गंतव्य बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई।

बैठक में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता को और मजबूत करने जैसे विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि पर्यटन विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जाए तो जीभी घाटी प्रदेश के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल बन सकती है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी कुल्लू ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान घाटी में कुछ स्थानों पर बिना अनुमति और नियमों के विपरीत व्यावसायिक पर्यटन गतिविधियां संचालित होती हुई पाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना पंजीकरण और नियमों का उल्लंघन कर चल रही पर्यटन इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संचालकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यटन विभाग के दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन करें तथा जीभी घाटी की सकारात्मक और जिम्मेदार पर्यटन छवि बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

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