मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में ली पार्टी की सदस्यता, विपक्ष के सवालों के बीच बोले- कई बार परिस्थितियां इंसान को गलत कदम उठाने पर मजबूर करती हैं
जीरा/फिरोजपुर, 6 सितंबर। पंजाब की सियासत में रविवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब फिरोजपुर जिले के जीरा की दाना मंडी में आयोजित आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान गुरप्रीत सिंह सेखों अपने समर्थकों सहित आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम को जीरा विधानसभा क्षेत्र में आप की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सेखों और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। सेखों के आप में शामिल होने के बाद जीरा क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विपक्ष के सवालों के बीच CM मान का बयान
गुरप्रीत सिंह सेखों को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कई बार व्यक्ति गलत नहीं होता, बल्कि परिस्थितियां उसे गलत कदम उठाने के लिए मजबूर कर देती हैं।
सेखों की आप में एंट्री को लेकर कांग्रेस ने पहले ही विरोध का रुख अपनाया था। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के जीरा दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने की रणनीति भी घोषित की गई थी।
CM मान का कांग्रेस और अकाली दल पर हमला
रैली के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे आरोप लगाने की राजनीति कर रहे हैं।
मान ने कहा कि अगर उनका उद्देश्य केवल पैसा कमाना होता तो वह राजनीति के बजाय अपने कलाकारी के क्षेत्र में भी कमाई कर सकते थे। लेकिन उन्होंने राजनीति का रास्ता इसलिए चुना क्योंकि वह लोगों की सेवा करना चाहते हैं।
अकाली दल पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय पार्टी पंजाब में 25 साल तक शासन करने का दावा करती थी, लेकिन आज उसके सामने चुनावी राजनीति में कई तरह की चुनौतियां हैं।
मान ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के पास किसी कमेटी के लिए भी पांच सदस्य पूरे नहीं होते और कई बार तीन सदस्यीय कमेटी बनानी पड़ती है। उन्होंने अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे हालात खुद वाहेगुरु ने बनाए हैं।
कांग्रेस की गुटबाजी पर भी निशाना
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पार्टी के भीतर कथित खींचतान और गुटबाजी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी-अपनी कुर्सी संभालने में लगे हुए हैं।
मान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता राहुल गांधी के आने का इंतजार कर रहे हैं कि वह उन्हें एक बस में बैठाकर ले जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां भी नेता एक-दूसरे की पगड़ियां उछालने में लगे रहेंगे।
सेखों के AAP में आने से जीरा में बदले समीकरण
गुरप्रीत सिंह सेखों लंबे समय से जीरा क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। जुलाई में उन्होंने जीरा में अपना राजनीतिक कार्यालय भी शुरू किया था और उस समय स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। बाद में उनके AAP में शामिल होने की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुईं।
अब मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में उनके औपचारिक रूप से AAP में शामिल होने के बाद जीरा की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
आपराधिक अतीत को लेकर भी चर्चा
सेखों का नाम अतीत में कई आपराधिक मामलों से जोड़ा जाता रहा है और उनका नाम चर्चित नाभा जेल ब्रेक मामले में भी सामने आया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में उन्हें अदालत से सजा भी मिल चुकी है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले और अदालत में दोषसिद्धि अलग-अलग कानूनी स्थितियां होती हैं।
यही पृष्ठभूमि उनकी AAP में एंट्री को लेकर राजनीतिक विवाद का प्रमुख कारण बनी हुई है। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं।
समर्थकों में दिखा उत्साह
रैली के दौरान सेखों के AAP में शामिल होने पर उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।
मुख्यमंत्री मान ने पार्टी में शामिल होने वाले लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी में आने वाले लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
आने वाले चुनाव में कितना पड़ेगा असर?
जीरा विधानसभा क्षेत्र में गुरप्रीत सिंह सेखों की राजनीतिक सक्रियता और अब AAP में औपचारिक एंट्री से आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी उन्हें भविष्य में कोई चुनावी टिकट या संगठनात्मक जिम्मेदारी देती है या नहीं। लेकिन उनके समर्थक आधार और क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए AAP में उनका शामिल होना स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अब देखने वाली बात होगी कि सेखों के AAP में शामिल होने से जीरा में पार्टी को कितना राजनीतिक लाभ मिलता है और विपक्ष इस मुद्दे को आगामी चुनाव में किस तरह उठाता है।
