परिवार की मांग पर लिया फैसला, न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ा परिवार; सीएम और डीजीपी के इस्तीफे की मांग
चंडीगढ़/मानसा। नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पंजाब में जारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार झोटा के पिता और पूरे परिवार के साथ खड़ी है तथा परिवार की मांग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने झोटा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी। हालांकि, मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
मेडिकल स्टोर में गोली मारकर की गई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में मेडिकल स्टोर के अंदर उन्हें गोली मार दी गई थी। घटना के समय वह फेसबुक लाइव कर रहे थे। आरोप है कि झोटा द्वारा एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचने के संबंध में पूछताछ किए जाने के बाद अश्वनी कुमार ने उन पर गोली चलाई। आरोपी को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इस घटना के बाद से ही मानसा में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
न्याय की मांग पर अड़ा परिवार, अंतिम संस्कार नहीं
हत्या के सात दिन बाद भी झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। परिवार और समर्थकों ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का रुख अपनाया हुआ था। विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त कार्रवाई समिति ने भी मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई थी।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग करने के साथ मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और ड्रग इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग भी की है।
पिता ने उठाए प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल
झोटा के पिता भीम सिंह ने घटना को रोकने में राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए।
भीम सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया था। उन्होंने विभिन्न संगठनों, राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संयुक्त मंचों से बंद का समर्थन करने की अपील की थी।
मुख्यमंत्री की ओर से सीबीआई जांच की घोषणा के बाद अब परिवार और प्रदर्शनकारी इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रखेंगे।
