नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले की जांच में हथियारों की सप्लाई से जुड़े कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में हथियार पहुंचाने के लिए कथित तौर पर गुप्त ठिकानों और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप का इस्तेमाल किया गया। जांच में पंजाब के अमृतसर से हथियारों की खेप उठाकर मुंबई तक पहुंचाने की कड़ी भी सामने आई है।
गुप्त ठिकाने से हथियार उठाने की योजना
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हथियारों की सप्लाई के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तकनीक अपनाई गई। इसमें दो लोग आमने-सामने मिले बिना किसी तय स्थान पर सामान छोड़ते या उठाते हैं। इस मामले में अमृतसर के एक कथित गुप्त ठिकाने पर हथियार रखे जाने और कुणाल तथा सुमित नाम के आरोपितों द्वारा उन्हें उठाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार उस स्थान पर किसने रखे थे और सप्लाई नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी।
अनिल पंडित पर हथियार पहुंचाने का टास्क देने का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुणाल और सुमित को अमृतसर से हथियार लाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। बताया जा रहा है कि दोनों को इस काम के लिए 70 से 80 हजार रुपये दिए गए थे। इनमें से 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो युवतियों को दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार किससे खरीदे गए थे, उन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था।
जेल से बाहर आने के बाद संपर्क में आया कुणाल
सूत्रों के अनुसार, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था। इसके बाद एक पुराने दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई। आरोप है कि बाद में दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप के जरिए संपर्क में रहने लगे। करीब दो सप्ताह पहले कुणाल को अमृतसर से हथियार लाकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपे जाने की बात कही जा रही है।
दो युवतियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुणाल ने अपनी परिचित राधा और उसकी सहकर्मी बबीता को कथित तौर पर हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया था। दोनों सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्हें हथियारों की वास्तविक प्रकृति और उनके इस्तेमाल के उद्देश्य की जानकारी थी या नहीं।
बड़े आपराधिक नेटवर्क से संबंधों की पड़ताल
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क के तार किन अन्य अपराधियों या गिरोहों से जुड़े हैं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना और बरामदगी से जुड़े हथियारों के बीच क्या संबंध है।
फिलहाल, मामले में सामने आए आरोपों और कथित संपर्कों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी। पुलिस की आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियों पर भी नजर बनी हुई है।
