डीसी ने ली 7 घंटे की मैराथन मीटिंग, हर पहलू पर गहन मंथन : राजस्व मामलों के निपटारे में ना हो लेट लतीफी – उपायुक्त

by
मंडी में जनवरी में 3309 राजस्व मामलों का समाधान
मंडी, 8 फरवरी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि जिले में राजस्व मामलों के निपटारे में लेट लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने को कहा ताकि मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। वे वीरवार को डीआरडीए सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
7 घंटे से भी अधिक समय तक चली इस मैराथन मीटिंग में राजस्व मामलों के निपटान को रफ्तार देने को लेकर उनसे जुड़े हर पहलू पर गहन मंथन किया गया। उपायुक्त ने सिलसिलेवार जिले की प्रत्येक तहसील और उप तहसील के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बैठक में पूरी तैयारी से आने की हिदायत दी। बैठक में तकसीम हुकमी और खानगी, निशानदेही, अवैध कब्जे सहित अन्य राजस्व संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने इस दौरान आपदा राहत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ई-डिस्ट्रिक्ट में प्राप्त आवेदनों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रदेश सरकार का राजस्व के लम्बित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करके जनता को राहत प्रदान करने पर विशेष बल है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को बार-बार राजस्व कार्यालय में जाने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए विशेष राजस्व लोक अदालतें लगाकर लम्बित राजस्व मामलों का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके सुखद परिणाम रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि मंडी जिले में राजस्व अदालतों के माध्यम से बड़ी संख्या में राजस्व मामलों का निपटारा किया गया है। जनवरी माह में ही जिले में 3309 राजस्व मामलों का समाधान किया गया है। इनमें से 1535 मामलों का 30 और 31 जनवरी को लगी विशेष राजस्व अदालतों के माध्यम से समाधान किया गया है।
उन्होंने बैठक के दौरान जहां अच्छे कार्य के लिए अधिकारियों की पीठ थपथपाई, वहीं रिपोर्ट संतोषजनक ना होने पर खिंचाई भी की। उन्होंने कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन किया।
ना छूटे आपदा राहत का एक भी मामला
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने को कहा कि जिले में आपदा प्रभावित लोगों को राहत देने का एक भी मामला ना छूटे। उन्होंने इसके लिए पूरी गंभीरता से काम करने को कहा।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में बन रहे पटवार तथा कानूनगो भवनों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी समय समय पर इन कार्यों का निरीक्षण करें तथा कार्यों की गति दें। उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों के फंड उपयोगिता प्रमाणपत्र अगले 10 दिन भीतर सौंपने को कहा।
बैठक में एडीएम डॉ. मदन कुमार,सभी एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपाथित रहे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

बालीवाल में एक साल में आएगा बड़ा बदलाव, 125 करोड़ की विकास योजनाओं को मिलेगी रफ्तार: मुकेश अग्निहोत्री

रोहित जसवाल ।ऊना, 20 सितंबर. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बालीवाल पंचायत में आने वाले एक साल में विकास का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत में करीब 125...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

जिम ट्रेनर महिला की हत्या : शव को डीएम आवास परिसर में छिपाया, ऐसे रची थी हत्या की साजिश

कानपुर : कानपुर के जिलाधिकारी के बंगले के पास एक महिला का शव मिला, कथित तौर पर उसकी हत्या के चार महीने बाद। हत्या की वजह कुछ आपसी विवाद है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राज परिवार को सिर्फ वोट मांगने के लिए आती मंडी की याद : कांग्रेस को मिलेगी महिलाओं के अपमान की सजा : जयराम ठाकुर

जिस सरकार की अपनी ही गारंटी नहीं उनकी गारंटियों की बात करना अब व्यर्थ एएम नाथ। मंडी :  पूर्व मुख्यमंत्री एवम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार महिलाओं का अपमान...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

15 साल की उम्र में 35 रुपये के लिए कर दी थी हत्या…57 साल से था राजस्थान से फरार : दिल्ली में बन गया था वन क्लास कॉन्ट्रैक्टर

जघन्य अपराध के बाद अपराधी अपना स्थान और राज्य छोड़कर फरार हो जाते हैं. सालों तक वह दूर रहकर सोचते हैं कि वह कानून की नजर से बच गए हैं. लेकिन कहा जाता है...
Translate »
error: Content is protected !!