ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा के दौरान 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत, 270 से ज्यादा रेस्क्यू

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अचानक बर्फबारी के बीच बिगड़े हालात; हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और हाइपोथर्मिया से कई श्रद्धालु घायल, रेस्क्यू अभियान जारी

केलांग। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में पवित्र ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा के दौरान गुरुवार को दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला स्थानीय और दूसरी दार्जिलिंग की रहने वाली बताई जा रही है। हालांकि, दोनों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 300 श्रद्धालु ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा के लिए गए थे। इसी दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब हो गया और बर्फबारी शुरू हो गई। बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण कई श्रद्धालुओं के फिसलने के साथ हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और हाइपोथर्मिया की शिकायत सामने आई।

270 से ज्यादा श्रद्धालुओं का रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अब तक 270 से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। बाकी श्रद्धालुओं को निकालने के लिए भी अभियान जारी है।

घायलों को उपचार के लिए केलांग अस्पताल लाया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

दोनों महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे

दोनों मृत महिलाओं के शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर ऑक्सीजन की कमी और ऊंचाई पर बिगड़े मौसम को मौत का संभावित कारण बताया जा रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने दो महिलाओं की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि बर्फ पर गिरने, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और हाइपोथर्मिया से प्रभावित अन्य श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर लिया गया है और उनका उपचार चल रहा है।

ठंड में शरीर का तापमान गिरने से होता है हाइपोथर्मिया

हाइपोथर्मिया ऐसी स्थिति है, जब लंबे समय तक अत्यधिक ठंड के संपर्क में रहने से शरीर का तापमान सामान्य स्तर से नीचे गिर जाता है। बर्फबारी, तेज ठंडी हवाओं, गीले कपड़ों और लंबे समय तक खुले में रहने से इसका खतरा बढ़ जाता है।

इसके शुरुआती लक्षणों में तेज कंपकंपी, अत्यधिक थकान, कमजोरी और भ्रम की स्थिति शामिल हो सकती है। स्थिति गंभीर होने पर व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में कम तापमान के साथ ऑक्सीजन की कमी होने से जोखिम और बढ़ जाता है।

फिलहाल प्रशासन का रेस्क्यू अभियान जारी है और पुलिस दोनों महिलाओं की मौत के कारणों की जांच कर रही है। मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

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