तिरंगे के प्रति देशवासियों का उत्साह नई जागृति का प्रतीक : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

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न्यू दिल्ली : 15 अगस्त:
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले पर दिए अपने भाषण :
भारत के 76वें स्वतंत्रता दिव के मौके पर देश भारत में जश्न मनाए जा रहे हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने आने वाले 25 सालों का रोडमैप दिया। जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार तथा भाई-भतीजावाद विरुद्ध लड़ाई को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले पर दिए अपने भाषण में कई अहम विषय को शामिल किया। जिसमें 5जी तथा आत्मनिर्भर भारत समेत कई मुद्दे शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली के लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम मोदी का लंबा भाषण देश के कई अहम विषयों पर केंद्रित था। जिसमें उन्होंने जय जवान से लेकर जय अनुसंधान तथा 5 जी का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज समय आ गया है जब स्वयं नए संकल्प से नई दिशा की तरफ बढऩे की जरुरत है।

* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए ब्रिटिश शासन विरुद्ध लडऩे वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नागरिक महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहिब अम्बेडकर तथा वीर सावरकर के धन्यवादी हैं, जिन्होंने फर्ज के मार्ग पर अपनी जानें न्यौछावर कीं तथा उन्होंने राष्ट्र के निर्माण में मदद की।
* हेशटैग हरघर तिरंगा मुहिम का जिक्र करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तिरंगे के प्रति देशवासियों का उत्साह नई जागृति का प्रतीक है।
* एक विकसित भारत की तरफ काम करने, बस्तीवाद के किसी भी अवशेष को हटाना, इसकी जड़ों को कायम रखने, अनेकता में एकता यकीनी बनाने तथा आगे बडऩे के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अमृत काल के लिए पांच संकल्प रखे।
* भारतीय महिलाओं की ताकत को सलाम करते हुए पीएम मोदी ने लाल किले पर अपने भाषण में कहा कि हर भारतीय जब भारत की महिलाओं की ताकत को याद करता है तो वह सम्मान से भर जाता है, बेशक वह रानी लक्ष्मी बाई, झलकारी बाई, चेन्नमा हो।
* भारत की आजादी के मौके पर पीएम मोदी ने भारत को लोकतंत्र की मां कहा। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की मां है। भारत ने यह साबित कर दिया कि इसके पास बहुमूल्य समर्था है, तथा इसने अपनी 75 सालों की यात्रा के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया है।
* प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी भाईचारे के योगदान को भी याद किया। अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि जब हम आजादी के संघर्ष की बात करते हैं, हम कबायली भाईचारो को नहीं भूल सकते। भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कानहू, अलूरी सीताराम राजू, गोविंद गुरु अनगिनत नाम है जो स्वतंत्रता संग्राम की आवाज बने तथा कबायली भाईचारे को मातृ भूमि के लिए जीने व मरने के लिए प्रेरित किया।
* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को महिलाओं का निरादर न करने का प्रण लेने का शक्तिशाली संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि बोलने तथा आचरण में, हम ऐसा कुछ न करें जिससे महिलाओं की इज्जत को ठेस पहुंचे।
* पीएम मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में डिजीटल इंडिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज हम डिजीटल इंडिया पहलकदमी देख रहे हैं। देश में स्टार्टअप बढ़ रहे हैं तथा टीयर 2 तथा 3 शहरों से बहुत सी प्रतिभाएं आ रही हैं। हमें अपनी समर्थाओं में विश्वास करना होगा।
* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अमृत काल में विकसित हुए देश तथा भारत के लिए अगले 25 सालों के सफर, गुलामी की हर सोच से आजादी, विरासत में मान, एकता तथा एकजुटता एवं नागरिकों को पांच प्रण के लिए अपना कर्तव्य निभाने का आह्वान किया।
* भारत 1947 में आजाद हुआ तथा 2022 में एक आजाद देश के रुप में 75 साल का सफर पूरा कर लिया है। पीएम मोदी ने अगले 25 सालों के समय को अमृतकाल का नाम दिया है।
* पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। जब हम अपनी धरती से जुड़ते हैं, तो हम ऊंचे उड़ सकेंगे। जम हम ऊंची उड़ान भरेंगे तभी हम दुनिया को प्रोत्साहन दे सकेंगे।
* पीएम ने कहा कि अब हम 5 जी तरफ बढ़ रहे हैं। जिसके लिए अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हम गांव-गांव आप्टीकल फाइबर पहुंचा रहे हैं, डिजिटल इंडिया का सपना गांव-गांव से निकलेगा, वह इस बात से पूरी तरह से अवगत हैं।

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