देशहित में वन नेशन, वन इलेक्शन , जनता का पैसा चुनाव में खर्च होने की जगह उनके हित में खर्च होगा- रामनाथ कोविंद

by

नई दिल्ली: ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए गठित की गई उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष रामनाथ कोविंद ने इसके फायदे गिनाए हैं। उन्होंने एक देश, एक चुनाव के विचार का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र में चाहे भाजपा हो या कोई और दल, उसे इसका सीधा फायदा मिलेगा और जनता भी लाभान्वित होगी। उन्होंने इसे देशहित में बताया है। अगर वन नेशन वन इलेक्शन लागू होता है तो राजस्व की बचत होगी और जनता का पैसा चुनाव में खर्च होने की जगह उनके हित में खर्च होगा। इस पैसे को विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा। रामनाथ कोविंद रायबरेली में मीडिया से बात कर रहे थे।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि पार्ल्यामेंट्र पैनल, नीति आयोग और चुनाव आयोग ने एक साथ चुनाव कराने को लेकर अपनी रिपोर्ट दे दी है। आजाद भारत में 1952 से लेकर 1967 तक एक साथ ही चुनाव कराए जाते थे। हालांकि बाद में लोकसभा या फिर राज्य की विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने की वजह से चुनाव का समय बदल गया और अलग-अलग समय पर चुनाव होने लगे। कोविंद ने कहा, सरकार ने उच्चस्तरीय समिति बनाई है और मुझे इसकी जिम्मेदारी दी है। कमिटी के सदस्यों और जनता ने अपने सुझाव दिए हैं। कोविंद की अध्यक्षता में समिति रजनीतिक दलों से भी उनके सुझाव और विचार मांगेगी। उन्होंने कहा, सभी दलों ने वन नेशन वन इलेक्शन का सपोर्ट किया है। कुछ मामलों में राजनीतिक दलों के विचार अलग-अलग हैं। लेकिन यह देशहित का मामला है। किसी एक दल के हित के लिए इसपर विचार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि संसद के विशेष सत्र के बाद 2 सितंबर को सरकार ने यह पैनल बनाया था। वहीं कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में वन नेशन, वन इलेक्शन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और इसे संविधान का उल्लंघन बताया था। राहुल गांधी, जयराम रमेश और पी चिदंबरम जैसे नेताओं ने भी इसका विरोध किया था।

इस समिति में कुल आठ सदस्य हैं जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रहे एनके सिंह, पूर्व लोकसभा सचिव सुभाष सी कश्यप, सीनियर वकील हरीश साल्वे, पूर्व विजिलेंस कमिश्नर संजय कोठारी और कांग्रेस के लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल हैं। हालांकि चौधरी ने इस पैनल में शामिल होने से इनकार कर दिया था। ऐसे में वह बैठकों में भी हिस्सा नहीं लेते हैं। इस समिति की बैठक में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हुए थे। टीएमसी, सीपीआई और सीपीआईएम ने भी साथ में चुनाव कराने का विरोध किया है। 22वां लॉ कमीशन साथ में चुनाव कराने का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। 25 अक्टूबर को हुई बैठक में लॉ कमीशन के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया था।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

जून में 682 कोरोना पॉजीटिव, 6828 वायरस को मात देकर हुए स्वस्थः डीसी

जून माह में जिला ऊना की संक्रमण की दर घटकर 2.72 प्रतिशत तक पहुंची ऊना- जिला ऊना के लिए राहत की खबर है कि एक जून से 14 जून तक कोरोना संक्रमण घटा है।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश रेल परियोजनाओं को पूरा करने में करें रेलवे का सहयोग : जयराम ठाकुर

हिमाचल प्रदेश में रेल परियोजनाओं को भरपूर बजट देने के लिए जयराम ठाकुर ने जताया केंद्र का आभार नशे से हो रही मौतें दु:खद प्रभावी कार्यवाही करें सरकार एएम नाथ। शिमला :  शिमला से...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मनाली में भूमि प्रशासन में आधुनिक प्रौद्योगिकियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न

एएम नाथ। कुल्लू, 21 नवंबर :- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग तथा हिमाचल प्रदेश भू-अभिलेख विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भारत में भूमि प्रशासन में आधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर आधारित...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विधानसभा चुनाव : आप ने जारी की प्रत्याशियों की पहली सूची

शिमला : आम आदमी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत ठाकुर व सह प्रभारी डा. संदीप पाठक की...
Translate »
error: Content is protected !!