धारा 118 के बाद अब हिमाचल के होटलों से हिमाचल ऑन सेल मुहिम आगे बढ़ा रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

by

एचपीटीडीसी के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर भड़के जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री सुक्खू पर लगाया राज्य की संपदा को कौड़ियों के भाव लुटाने का गंभीर आरोप

एएम नाथ। शिमला :  हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आठ प्रमुख होटलों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑपरेटरों को सौंपने के आधिकारिक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है, जिसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे ‘हिमाचल ऑन सेल’ की नीति करार दिया है। जयराम ठाकुर ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों की खुली लूट कर रही है और जनसंपदा को अपने खास ‘मित्रों’ की झोली भरने के लिए निजी हाथों में परोस रही है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की भूमि, पहचान और संसाधनों की रक्षा के लिए बनाए गए हिमाचल प्रदेश भू सुधार एवं किराएदारी अधिनियम 1972 की धारा 118 में छूट दिलाने के नाम पर सरकार पहले से हिमाचल ऑन सेल की मुहिम चला रही है। उसमें अब प्रदेश के होटल भी शामिल कर लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले ही इस बात की आशंका जता चुका था कि सरकार राज्य के सुचारू रूप से चल रहे और लाभप्रद होटलों को जानबूझकर बर्बाद कर उन्हें प्राइवेट सेक्टर को सौंपने की साजिश रच रही है, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग के पत्र संख्या OP/O&M/TDC/26 (ओपी/ओ एंड एम/ टीडीसी/ 26) से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री ने जनता से झूठ बोला और अब आधिकारिक तौर पर प्रदेश की संपदा को बेचा जा रहा है।
उन्होंने दावा किया है कि विभाग द्वारा जारी सूची में बिलासपुर का होटल लेक-व्यू, चिंडी का होटल ममलेश्वर, फागू का होटल एप्पल ब्लॉसम, रोहड़ू का होटल चांशल, कुल्लू का होटल सर्वरी, कसौली का होटल ओल्ड रॉसकॉमन, परवाणू का होटल शिवालिक और खड़ापत्थर का होटल गिरिगंगा शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन और मेंटेनेंस के आधार पर निजी कंपनियों को आउटसोर्स करने की मंजूरी मुख्यमंत्री द्वारा दे दी गई है।
जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली सरकार अब ‘हिमाचल को बेचने’ की राह पर निकल पड़ी है और इन होटलों के निजीकरण से न केवल राज्य के राजस्व को स्थायी नुकसान होगा, बल्कि सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घाटे का बहाना बनाकर राज्य की प्राइम लोकेशन पर स्थित इन संपत्तियों को अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए कौड़ियों के भाव लीज पर दे रही है, जो कि हिमाचल की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है।
विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे हिमाचल की अस्मिता और संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होने देंगे और सदन से लेकर सड़क तक इस ‘लूट की नीति’ का पुरजोर विरोध किया जाएगा, क्योंकि यह केवल पर्यटन निगम का निजीकरण नहीं बल्कि हिमाचल की आर्थिक संप्रभुता को गिरवी रखने जैसा कदम है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

खरगट स्कूल के तीन विद्यार्थी जिला स्तरीय इन्सपायर प्रतियोगिता के लिए चयनित

एएम नाथ। चंबा : चंबा  राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खरगट के तीन विधार्थियों का चयन जिला स्तरीय इन्स्पायर प्रतियोगिता के लिए हुआ है। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विधालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बिना किताबों के ही सीबीएसई स्कूलों में कैसे पढ़ेंगे बच्चे : जयराम ठाकुर

किताब न दे पाने का तर्क भी बचकाना, हर तरफ अफरातरफी का माहौल एएम नाथ। शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा 2 साल से प्रदेश...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला परिषद ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 7.28 करोड़ के बजट का किया अनुमोदन

जिला परिषद अध्यक्षा नीलम कुमारी ने प्रस्तुत किया 15वें वित्तायोग के तहत प्राप्त अनुदान का हिसाब ऊना: जिला परिषद ऊना ने आज त्रैमासिक बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लगभग 7.28 करोड़...
article-image
हिमाचल प्रदेश

आईजीएमसी में मनोचिकित्सा मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस

शिमला 26 जून : आईजीएमसी शिमला में मनोचिकित्सा विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस मनाया गया। इस वर्ष (2023) का थीम People First: Stop Stigma and Discrimination, Strengthen Prevention है। इस अवसर पर मनोचिकित्सा...
Translate »
error: Content is protected !!