चंडीगढ़ : खींचतान के बीच पार्टी ने संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कवायद शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमों के बीच लंबे समय से मतभेद सामने आते रहे हैं। चन्नी समर्थक लगातार प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की मांग उठाते रहे हैं।
इसी बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के हालिया बयान से चन्नी खेमे की उम्मीदों को झटका लगा है। 20 अगस्त को हाईकमान के साथ बैठक के बाद बघेल ने संकेत दिया कि फिलहाल पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बजाय संगठन का विस्तार किया जाएगा। इससे माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान तत्काल प्रदेश अध्यक्ष बदलने के पक्ष में नहीं है।
राहुल गांधी को पंजाब आने का न्योता
पार्टी अब पंजाब में गुटबाजी की धारणा को खत्म कर एकजुटता का संदेश देने की तैयारी में है। राजा वड़िंग और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने राहुल गांधी को पंजाब आने और बस यात्रा करने का न्योता दिया है।
कांग्रेस की योजना है कि राहुल गांधी की संभावित यात्रा के दौरान पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाया जाए। पार्टी इसके जरिए यह संदेश देना चाहती है कि अंदरूनी मतभेद पीछे छोड़कर सभी नेता संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
हालांकि, अभी राहुल गांधी की ओर से यात्रा को लेकर अंतिम मंजूरी का इंतजार है। उनकी सहमति मिलने के बाद ही यात्रा का रूट और कार्यक्रम तय किया जाएगा।
4 से 5 दिन के दौरे का प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस राहुल गांधी से करीब 4 से 5 दिन का समय मांग रही है। इस दौरान उन्हें पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद कराने की योजना है।
हालांकि, राहुल गांधी की टीम इतने लंबे दौरे को लेकर फिलहाल पूरी तरह सहमत नहीं बताई जा रही है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि राहुल गांधी पंजाब के लिए कितना समय देते हैं और प्रस्तावित बस यात्रा किस स्वरूप में आयोजित होती है।
राजा वड़िंग को राहत, चन्नी खेमे को झटका
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और चन्नी खेमे के बीच मतभेद पिछले कुछ समय से खुलकर सामने आते रहे हैं। चन्नी समर्थक नेता संगठन में बदलाव की मांग करते हुए वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं।
दूसरी ओर, हाईकमान की ओर से फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन के बजाय संगठन के विस्तार के संकेत मिलने से राजा वड़िंग को राहत मिली है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे चन्नी गुट के लिए यह फिलहाल बड़ा झटका माना जा रहा है।
अब कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब संगठन को एकजुट रखने की है। राहुल गांधी की संभावित बस यात्रा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यदि यात्रा के दौरान पार्टी के सभी प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आते हैं, तो कांग्रेस इसे संगठन में एकजुटता के संदेश के तौर पर पेश कर सकती है। हालांकि, अंतिम तस्वीर राहुल गांधी की मंजूरी और यात्रा के कार्यक्रम पर ही साफ होगी।
