चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कुख्यात गैंगस्टर पर आधारित प्रस्तावित टैलीविजन सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को पंजाब और देश के युवाओं के लिए खतरनाक बताया है।
युवाओं को गुमराह करने वाली इस सीरिज पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी सीरीज़ न केवल गन कल्चटर को प्रमोट करती है, वहीं अपराध और गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन करती हैं। समाज में गलत संदेश भी फैलाती हैं।
गुरुओं-संतों की विरासत को अपराधी के नाम से जोड़ना अस्वीकार्य : रंधावा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब जैसी पवित्र धरती, जिसने गुरुओं, संतों और शहीदों की विरासत को संजोया है, उसे किसी अपराधी के नाम से जोड़ना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। इस प्रकार की सामग्री युवाओं को भ्रमित कर सकती है और उन्हें गलत रास्ते की ओर प्रेरित कर सकती है। ‘जिस व्यक्ति का इतिहास हिंसा, अपराध और निर्दोष लोगों की हत्याओं से जुड़ा हो, उसका किसी भी रूप में महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए।
सीरिज के प्रसारण को रोकने की मांग : पूर्व उप मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों से तुरंत इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए इस सीरिज के प्रसारण को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनोरंजन के नाम पर समाज में जहर घोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि कुछ साल पहले फिल्म ‘उडदा पंजाब’ ने पंजाब की छवि को भारी ठेस पहुंचाई थी। अभी तक उस छवि से पंजाब पीछा नहीं छुड़ा पाया है।
इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा : इस तरह की सामग्री पंजाब की अमीर विरासत के लिए एक बहुत बड़ा धक्का है। रंधावा ने चेताया कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा और अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। ताकि पंजाब की छवि और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
