चंडीगढ़ : पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। सरकार की ओर से कर्मचारियों को जारी किए गए शो-कॉज नोटिस वापस लिए जाने के बाद कर्मचारी यूनियन ने आंदोलन खत्म करने का फैसला किया। अब कर्मचारियों की मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ जल्द बैठक होने की संभावना है, जिसमें उनकी लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी।
दरअसल, अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में कर्मचारियों ने 11 सितंबर तक सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल जारी रखने का फैसला किया था। इससे पहले कर्मचारियों की ओर से केवल 8 सितंबर को हड़ताल का ऐलान किया गया था।
2,500 कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर बढ़ा था विवाद
कर्मचारी यूनियन के अनुसार, 27 अगस्त की हड़ताल के बाद करीब 2,500 कर्मचारियों की गैरहाजिरी को लेकर सरकार की ओर से कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया था। कर्मचारी इस पत्र को वापस लेने की मांग कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ गया था।
कर्मचारियों का कहना था कि हड़ताल के दौरान गैरहाजिरी को आधार बनाकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
सरकार ने दी थी ‘नो वर्क, नो पे’ की चेतावनी
मंगलवार को पंजाब सरकार ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि हड़ताल की अवधि के दौरान ‘नो वर्क, नो पे’ का नियम लागू होगा। साथ ही गैरहाजिरी को लेकर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
अब सरकार द्वारा शो-कॉज नोटिस वापस लिए जाने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ प्रस्तावित बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। अब सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच होने वाली बैठक के नतीजे पर टिकी हैं।
