चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज संपन्न हो गया। सत्र का आयोजन प्रदेश में आई बाढ़ की स्थिति और उससे जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए किया गया था। सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में छह महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया, जिनमें से अधिकांश का सीधा प्रभाव राज्य की आम जनता पर पड़ेगा।
इसके साथ ही, बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर एक अहम प्रस्ताव भी पारित हुआ।
मुख्यमंत्री का ऐलान- 15 अक्टूबर तक मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्र के दौरान बताया कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जल्द मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले, यानी 15 अक्टूबर तक, बाढ़ प्रभावित किसानों और नागरिकों को फसल, पशुधन और संपत्ति नुकसान के मुआवज़े के चेक वितरित किए जाने शुरू हो जाएंगे।
जानें कौन-कौन से विधेयक हुए पारित और क्या होगा लाभ?
1. पंजाब नगर सुधार (संशोधन) विधेयक, 2025 : इस विधेयक को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने विरोध जताते हुए कहा कि नगर सुधार ट्रस्ट की आय उसी क्षेत्र में खर्च होनी चाहिए, जहाँ से वह उत्पन्न होती है। विपक्ष के विरोध के बावजूद विधेयक पारित हो गया। हालांकि, सरकार का दावा है कि इससे शहरी विकास कार्यों को गति मिलेगी।
2. पंजाब सहकारी समिति विधेयक : यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ। इसका उद्देश्य सहकारी समितियों को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
3. पंजाब अपार्टमेंट एवं संपत्ति विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2025 : इस विधेयक के ज़रिए रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और फ्लैट खरीदारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा मिलेगी। विधायक मास्टर बुध राम के अनुसार, इससे आम नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा।
4. पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक : वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वर्तमान जीएसटी प्रणाली से राज्य को राजस्व में नुकसान हो रहा है। लेकिन इसके नए संशोधन से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। विपक्ष ने राजस्व घाटे पर चिंता जताई, बावजूद इसके विधेयक पारित हो गया।
5. पंजाब व्यापार करने का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2025 : इस विधेयक का उद्देश्य व्यापारिक माहौल को अधिक उदार और सुगम बनाना है। विपक्ष ने सुझाव दिए, लेकिन अंततः सभी दलों की सहमति से इसे भी पारित कर दिया गया।
6. पंजाब कार्य का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2025 : यह विधेयक लोगों को रोजगार का अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसके माध्यम से राज्य में श्रमिकों और कामगारों के हितों की सुरक्षा की जाएगी।
बाढ़ पुनर्वास पर प्रस्ताव भी पारित : सदन में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास योजना पर एक प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जिन लोगों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता और मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा।
