अमृतसर। पंजाब के अमृतसर जिले के छीना गांव के रहने वाले गुरजीत सिंह ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और न्यूजीलैंड में हुए विवाद को लेकर कई दावे किए हैं। गुरजीत के मुताबिक, उसने अपनी पत्नी हरप्रीत कौर की पढ़ाई और उसे न्यूजीलैंड भेजने पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए थे। बाद में पत्नी के कथित तौर पर एक अन्य महिला के साथ संबंधों को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उस पर पुलिस केस दर्ज हुआ और उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। गुरजीत का कहना है कि अंततः उसे न्यूजीलैंड छोड़कर पंजाब लौटना पड़ा।
एक सोशल मीडिया चैनल को दिए बयान में गुरजीत ने बताया कि उसकी और हरप्रीत कौर की शादी 22 अप्रैल 2017 को अरेंज मैरिज के तहत हुई थी। वह शादी से पहले करीब आठ वर्ष इंग्लैंड में रह चुका था। उसके अनुसार, शादी के बाद पत्नी और उसके परिवार की विदेश जाने की इच्छा थी। इसके लिए उसने पत्नी को बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करवाई और न्यूजीलैंड भेजने पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए।
मोबाइल में फोटो-वीडियो देखने के बाद विवाद होने का दावा
गुरजीत के मुताबिक, हरप्रीत वर्ष 2023 में न्यूजीलैंड चली गई थी और वह करीब तीन महीने बाद अगस्त 2023 में वहां पहुंचा। उसका आरोप है कि वहां उसे पत्नी और शिवानी नाम की एक महिला के बीच कथित संबंधों से जुड़ी निजी तस्वीरें और वीडियो मिले। 14 फरवरी 2024 को पत्नी के मोबाइल में ऐसी सामग्री देखने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ।
गुरजीत का दावा है कि इसके बाद हरप्रीत ने उस पर मारपीट करने और चाकू से डराने के आरोप लगाए तथा पुलिस में शिकायत की। उसने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि मामले में अदालत के समक्ष एक चश्मदीद ने भी बयान दिया था कि उसने गुरजीत को पत्नी की पिटाई करते नहीं देखा। हालांकि, इन दावों और संबंधित शिकायत के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
गिरफ्तारी के बाद आर्थिक मुश्किलों का सामना करने का दावा
गुरजीत के अनुसार, उसे 15 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया और अगले दिन जमानत मिल गई। उसने बताया कि जमानत के दौरान पत्नी से संपर्क नहीं करने और एक निर्धारित क्षेत्र में नहीं जाने जैसी शर्तें लगाई गई थीं। उसके मुताबिक, वर्क परमिट नहीं होने के कारण उसे नौकरी मिलने में परेशानी हुई और आर्थिक तंगी के चलते कुछ समय चर्च में भी रहना पड़ा। इस दौरान दोस्तों ने उसकी मदद की।
अदालत की सजा और इमिग्रेशन कार्रवाई
गुरजीत के बयान के मुताबिक, अगस्त 2025 में न्यूजीलैंड की अदालत ने उसे 150 घंटे सामुदायिक सेवा करने और एक वर्ष तक निगरानी में रहने की सजा सुनाई। उसने दावा किया कि नवंबर 2025 में उसकी पत्नी ने अदालत में उसके पक्ष में बयान दिया और उसे माफ करने की बात कही। इसके बावजूद मई 2026 में न्यूजीलैंड के इमिग्रेशन विभाग ने उसे देश छोड़ने संबंधी पत्र जारी कर दिया।
गुरजीत का कहना है कि अदालत की कार्रवाई और इमिग्रेशन प्रक्रिया अलग-अलग होने के कारण उसे राहत नहीं मिली। आखिरकार, वह 16 जून 2026 को पंजाब लौट आया।
पंजाब पुलिस से पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
गुरजीत ने बताया कि उसने घटनाक्रम से जुड़े कुछ दस्तावेज और तस्वीरें पंजाब पुलिस को सौंपकर पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसका दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम में उसे 25 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ और उसे मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
महत्वपूर्ण: यह समाचार मुख्यतः गुरजीत सिंह के सोशल मीडिया चैनल को दिए बयान पर आधारित है। पत्नी का पक्ष, न्यूजीलैंड की अदालत के आदेश, पुलिस शिकायत और इमिग्रेशन विभाग के दस्तावेज स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए। किसी व्यक्ति के कथित निजी संबंधों या यौन अभिरुचि को भी सनसनीखेज ढंग से प्रस्तुत करने से बचना उचित होगा।
