सरकारी गवाही पूरी न होने पर कोर्ट की सख्ती, DIG रोपड़ रेंज को भी भेजा पत्र; आरोपियों की 17 सितंबर को पेशी
मोहाली। पंजाबी गायक एवं अभिनेता परमीश वर्मा पर 2018 में हुई फायरिंग के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत द्वारा निर्धारित तारीख पर गवाही और सबूत पेश करने के लिए उपस्थित नहीं होने वाले पांच गवाहों के खिलाफ नए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए गए हैं।
जिन गवाहों के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं, उनमें गुरकीरत सिंह, एएसआई सुखपाल सिंह, एएसआई जसपाल सिंह, एसआई मलकीत सिंह और एएसआई सेवा सिंह शामिल हैं।
अदालत के आदेश के अनुसार गवाहों के बयान और सबूत दर्ज करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए DIG रोपड़ रेंज को भी पत्र भेजा गया है।
अभियोजन पक्ष को गवाही पूरी करने का आखिरी मौका
मामले में आरोप 18 जनवरी 2024 को तय किए गए थे। इसके बाद सरकारी पक्ष को अपने सबूत और गवाही पूरी करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन अदालत के अनुसार अभी तक अभियोजन पक्ष इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सका।
अदालत ने सरकारी पक्ष के रवैये को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस कारण मुकदमे की सुनवाई में अनावश्यक देरी हुई है। केस की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए अभियोजन पक्ष को आखिरी मौका दिया गया है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि तय तारीख पर अभियोजन पक्ष को अपनी शेष गवाही मुकम्मल करनी होगी।
आरोपी ने जल्द सुनवाई पूरी करने की मांग की थी
मामले में आरोपी आशीष की ओर से मुकदमे की सुनवाई जल्द पूरी करने के लिए अदालत में आवेदन भी दायर किया गया था। इसी संदर्भ में अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाही पूरी करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
चार आरोपियों को पेश करने के लिए भी वारंट
अदालत ने मामले में दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा, सुखप्रीत सिंह बुड्ढा, आशीष और हरजिंदर सिंह को अदालत में पेश करने के लिए 17 सितंबर की तारीख के पेशी वारंट जारी किए हैं।
2018 में कैसे हुआ था परमीश वर्मा पर हमला?
13 अप्रैल की रात लौट रहे थे घर
मामला 13 अप्रैल 2018 की रात का है। पंजाबी गायक और अभिनेता परमीश वर्मा चंडीगढ़ के एलांते मॉल में एक प्रमोशनल कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने दोस्त कुलवंत चहल के साथ मोहाली स्थित अपने घर लौट रहे थे।
सेक्टर-91 के पास कार का पीछा कर की फायरिंग
मोहाली के सेक्टर-91 के पास अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार का पीछा किया और उन पर कई गोलियां चलाईं। फायरिंग में परमीश वर्मा और उनके दोस्त कुलवंत चहल के पैर में गोली लगी थी।
दोनों को इलाज के लिए मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा ने ली थी जिम्मेदारी
हमले के अगले दिन गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। पोस्ट में परमीश वर्मा को धमकी भी दी गई थी।
फिरौती की मांग का भी सामने आया था एंगल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि परमीश वर्मा से कथित तौर पर फिरौती की मांग की गई थी। जांच के अनुसार, मांग पूरी नहीं होने के बाद उन्हें डराने के इरादे से हमला किया गया था।
बाद में पुलिस ने दिलप्रीत सिंह बाबा और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार किया था।
अब अदालत की कार्रवाई पर टिकी नजर
करीब आठ साल पुराने इस मामले में अब अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाही पूरी करने के लिए आखिरी अवसर दिया है। पांच गवाहों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और DIG रोपड़ रेंज को भेजे गए पत्र के बाद मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। अब 17 सितंबर की सुनवाई में आरोपियों की पेशी और अभियोजन पक्ष की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
