पाँगी–भरमौर की समस्याओं को लेकर विधायक डॉ. जनक राज का लोकतांत्रिक विरोध, सरकार से सुनवाई की उम्मीद

by

एएम नाथ। चम्बा : पाँगी–भरमौर क्षेत्र की जनता द्वारा चुने गए विधायक डॉ. जनक राज ने एक बार फिर क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपनी आवाज़ बनाकर विधानसभा में भेजा है और वे पिछले तीन वर्षों से लगातार सदन में पाँगी–भरमौर की मूलभूत समस्याओं को उठाते आ रहे हैं। हालांकि, उनके अनुसार अब तक इन मुद्दों पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों में निराशा का माहौल है।
विधायक डॉ. जनक राज ने बताया कि पाँगी–भरमौर जैसे दुर्गम और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अनेक समस्याएँ लंबे समय से बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की समस्याएँ सुनते हैं और उन्हें संबंधित विभागों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं, लेकिन समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता को अब केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस कार्यवाही से उम्मीद है।
सरकार के “जनता के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत जब हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया जी मैहला क्षेत्र में पहुँचे, तो विधायक ने इसे सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच में जनता के द्वार आई है, तो उसे जनता की वास्तविक आवाज़ भी सुननी चाहिए। कार्यक्रम में लगभग दो से ढाई सौ लोग उपस्थित थे, जिनमें स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएँ रखीं। विधायक ने उम्मीद जताई कि इस बार सरकार ज़मीनी स्तर पर समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।
कार्यक्रम के दौरान विधायक और उनके समर्थकों ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध भी दर्ज कराया। उनका कहना है कि यह विरोध किसी व्यक्ति या दल विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्र की उपेक्षा के खिलाफ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि पाँगी–भरमौर की जनता की आवाज़ मंच तक पहुँचे। विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का अधिकार है और इसे शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक दायरे में ही किया जाना चाहिए।
विधायक ने विपक्षी दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों ने विरोध को गलत रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की, जबकि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई से बढ़कर उनके लिए कुछ भी नहीं है।
अंत में विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि पाँगी–भरमौर की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे भी जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाते रहेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

नर्स ने 2 महीने के बच्चे के लिए जोखिम में डाली अपनी जान : नर्स ने उफनते नाले के ऊपर लगा दी थी छलांग

एएम नाथ । मंडी : हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और उफनती नदियों के बीच एक नर्स की बहादुरी का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वैसे...
article-image
हिमाचल प्रदेश

एसडीएम फतेहपुर तथा इंदौरा को मुख्यमंत्री ने आपदा में बेहतर कार्य के लिए किया सम्मानित

धर्मशाला,14 अक्तूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा समर्थ – 2023 आपदा प्रबंधन जन जागरूकता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में आपदा के दौरान उत्कृष्ट...
article-image
हिमाचल प्रदेश

महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 60 दिन के विशेष मातृत्व अवकाश की सरकार ने की शुरुआत

एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में 6 IPS बने DIG, 2 को SSP किया प्रमोट

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को पदोन्नति दी है। जारी आदेशों के अनुसार 6 आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी...
Translate »
error: Content is protected !!