होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा : पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा है कि इजराइल ,अमेरिका तथा खाड़ी देशो व ईरान के मध्य युद्ध लंम्बा खींचने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतो में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो रही है। जिसका असर भारत के पेट्रोलियम पदार्थों के उपभोगताओ पर भी पढ़ रहा है। जिससे सभी वस्तुए महंगी हो जाएगी। इस स्थिति का प्रभाव कृषि उदयोग ,ट्रांसपोर्ट तथा विशेष कर गरीब जनता पर पढ़ने वाला है। इस हालत को देखते हुए मोदी सरकार ने करोना सकंट के समय जिस प्रकार गरीबों को मुफ्त अनाज तथा मुफ्त टीकाकरण आदि की बड़ी रहते दी थी उसी तर्ज़ पर पर पेट्रोल तथा डीज़ल पर 10 -10 रु एक्साइट ड्यूटी घटाने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले से अब पेट्रोल पर एक्साइट ड्यूटी केवल तीन रु ही रह जायगी। इस फैसले से केंदर सरकार ने 15 दिन में 7 हज़ार करोड़ रु का भार पडने वाला है। उन्होंने कहा कि अगर एक्साइट ड्यूटी में कटौती न की जाती तो आने वाले समय में पेट्रोल -डीज़ल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय वजार की कीमतों के अनुसार 10 से 15 प्रति लीटर बढ़ सकती थी। जिन्हे एक्साइट ड्यूटी में कटौती करके बढ़ने से रोका जा सकेगा। श्री सूद ने कहा कि करोना जैसे वैश्विक संकट के बाद इस जंग के कारण पैदा हुए वैश्विक संकट से उबरने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए कदमों ने एक बार फिर सरकार के लोक हितैषी होने का परिचय दिया है ।
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