पीएचसी साच का भवन तैयार, फिर भी स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपा
रिक्त पद भरने और जरूरी स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध करवाने की उठाई मांग
एएम नाथ। शिमला : ग्रीष्मकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने जनजातीय क्षेत्र पांगी में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि पांगी के लोगों को आज भी सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए कई किलोमीटर दूर दूसरे जिलों और यहां तक कि दूसरे प्रदेशों का रुख करना पड़ रहा है।
डॉ. जनक राज ने कहा कि पांगी में किसी व्यक्ति को पेट दर्द जैसी सामान्य बीमारी होने पर भी अल्ट्रासाउंड अथवा अन्य जरूरी जांच के लिए कुल्लू, मनाली, मंडी या जम्मू तक जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों पर सवाल खड़े करती है। दुर्गम जनजातीय क्षेत्र पांगी में अभी तक ऐसा आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित नहीं हो पाया है, जहां लोगों को आवश्यक जांच और उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकें।
विधायक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) साच के भवन का मामला भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तैयार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपा नहीं गया है। भवन तक पहुंचने वाले करीब 100 से 150 मीटर रास्ते का मामला भी लंबित है। इसके चलते तैयार भवन का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
डॉ. जनक राज ने कहा कि पांगी के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट समेत कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। उन्होंने सरकार से इन पदों को जल्द भरने के साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को पांगी की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय लोगों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य व्यवस्था की योजना बनानी होगी। शिमला और धर्मशाला जैसी सुविधाओं के आधार पर पांगी की स्वास्थ्य व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता। दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
