प्रदेश में दिसंबर, 2025 तक 72 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगाः मुख्यमंत्री सुक्खू

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एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि दिसंबर, 2025 तक हिमाचल प्रदेश में सात परियोजनाओं से 72 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने ऊना जिला में दो परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू किया है, इनमें से 12 मेगावाट क्षमता की एक परियोजना गोंदपुर बुल्ला और 11 मेगावाट क्षमता की परियोजना लमलाहड़ी उपरली में स्थित है।
उन्होंने कहा कि सोलन जिला में तीन परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, इनमें नालागढ़ के सनेड में 13 मेगावाट, बड़ा बरोट में आठ मेगावाट और दभोटा माजरा में 13 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नौ मेगावाट की दभोटा-वन परियोजना के लिए शीघ्र ही निविदा जारी की जाएगी और इसका निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, ऊना जिला के टिहरा खास में छह मेगावाट की सौर परियोजना के लिए भी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसी महीने इसके स्वीकृत होने की संभावना है।
प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में 325 मेगावाट संयुक्त क्षमता की आठ अतिरिक्त परियोजनाओं के लिए सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी होने के बाद इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार पर्यावरण संरक्षण और सत्त विकास को अधिमान देते हुए वर्ष 2026 तक हिमाचल को देश के पहले हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा अक्षय ऊर्जा स्रोत हैं। इसका उपयोग कर भावी पीढ़ियों के लिए ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार की यह नवोन्मेषी पहल जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना जिला के पेखुबेला में 32 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना 15 अप्रैल, 2024 को जनता को समर्पित की गई थी। इस परियोजना से 48 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है, जिससे 31 जनवरी, 2025 तक 14 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। इसके अलावा, ऊना जिले के भंजाल में पांच मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य 30 नवंबर, 2024 सेे शुरू हो गया है और अघलौर में 10 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण इसी माह पूर्ण होने की संभावना है। हरित हाइड्रोजन ऊर्जा के उत्पादन को भी केन्द्र में रखकर राज्य सरकार कार्य योजना बनाकर काम कर रही है। ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से सोलन जिला के नालागढ़ में एक मेगावाट क्षमता की हरित हाइड्रोजन परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिसके लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया है।

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