बंदी सिंहों की रिहाई के लिए चंडीगढ़ रवाना हुआ किरती किसान यूनियन का जत्था

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नवांशहर: बंदी सिंहों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीगढ़ में कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा आयोजित कॉन्फ्रेंस और मार्च में शामिल होने के लिए किरती किसान यूनियन का एक जत्था अड्डा समुंदड़े से रवाना हुआ। जत्थे का नेतृत्व संगठन के सूबा मीत प्रधान हरमेश सिंह ढेसी ने किया।

प्रेस को जारी बयान में किरती किसान यूनियन के जिला सचिव कुलविंदर सिंह चाहल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों और कई बुद्धिजीवी एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं को लंबे समय से जेलों में बंद रखा गया है। उन्होंने इसे संविधान और न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताते हुए ऐसे सभी कैदियों की जल्द रिहाई की मांग की।

कुलविंदर सिंह चाहल ने कहा कि जिन कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, उन्हें जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में मानवीय और संवैधानिक आधार पर तत्काल कदम उठाने की अपील की।

इस अवसर पर किसान नेता सतनाम सिंह चक्क, गुरु बहादर सिंह, कुलवीर सिंह मजारां डिगरिया, हरभजन सिंह तथा नवांशहर जिले के नेता सुरिंदर सिंह बैंस, तरसेम सिंह बैंस और परमजीत सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किरती किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि बंदी सिंहों और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं की रिहाई के मुद्दे पर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

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