होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : जिला मजिस्ट्रेट आशिका जैन ने होशियारपुर के गाँवों और कस्बों में गश्त अधिनियम 1918 की धारा 3 (1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि सभी गाँवों के स्वस्थ वयस्क पुरुष नहरों के किनारे, चोआँ के बाँध, सतलुज-बीआस दरिया के किनारे बने धुसी बाँध के ख़तरनाक स्थलों पर 24 घंटे ठीकरी पहरा और निगरानी की ड्यूटी निभाएँ, ताकि बाढ़ के कारण बाँधों को टूटने से बचाया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत उक्त अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करते हुए अपने कार्यक्षेत्र में यह ड्यूटी पूरी करवाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, होशियारपुर की आम जनता की जान-माल, पशुधन और चल-अचल संपत्ति को बाढ़ से बचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि बरसात के मौसम में बाढ़ जैसी आपदाओं से नुकसान होने की संभावना रहती है, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था भी बिगड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि जिले में दरियाओं, चोआँ और नहरों पर बरसात के दौरान विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाना बेहद जरूरी है। खासकर बारिश के मौसम में चोआँ के किनारों, नहरों के किनारों और दरिया बीआस के धुसी बाँध के ख़तरनाक बिंदुओं पर बाँध टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गाँवों के स्वयंसेवकों द्वारा इन स्थानों पर ठीकरी पहरे और सतर्क निगरानी के पुख़्ता प्रबंध किए जाने अनिवार्य हैं।
