एएम नाथ। शिमला, 6 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार जिला परिषद कर्मचारियों की सभी मांगों और समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी तथा उनका उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर गरीबों के कल्याण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री गुरुवार को शिमला जिले के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में करीब 48 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
48 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने मशोबरा में नए खंड विकास कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इसके अलावा भट्टाकुफर में लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) मंडल कार्यालय, बलदेयां में 3.64 करोड़ रुपये के उपमंडल कार्यालय, 12 करोड़ रुपये के नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) भवन तथा लगभग 22 करोड़ रुपये की संपर्क सड़क का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सड़क, प्रशासनिक और शिक्षा संबंधी सुविधाएं मजबूत होंगी।
ग्रामीण और गरीब परिवारों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सर्वेक्षण के माध्यम से 1.75 लाख अति निर्धन परिवारों की पहचान की है। इन परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए जल्द ही ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू की जाएगी। इसके अलावा लगभग 10 लाख पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने के लिए नई योजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिससे करीब 24 हजार नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है तथा विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 87 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। अस्पतालों में खाली पद भी तेजी से भरे जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाएगा और उनका उपयोग गरीबों के हित में किया जाएगा। जिन लोगों के पास उनकी वैध आय से अधिक संपत्ति पाई जाएगी, उन्हें अपनी संपत्ति का पूरा विवरण देना होगा।
जिला परिषद कर्मचारियों को दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री ने जिला परिषद कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा तथा व्यवहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मशोबरा में नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने मशोबरा में सीबीएसई स्कूल खोलने, पीडब्ल्यूडी मंडल एवं उपमंडल कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता तथा क्षेत्र में एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
ग्रामीण कचरा प्रबंधन योजना को मिली गति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीण ठोस कचरा प्रबंधन योजना के पहले चरण में 137 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन गांवों से घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में 700 और वाहन शामिल किए जाएंगे, जिनका संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा।
अनिरुद्ध सिंह ने केंद्र पर साधा निशाना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य पूरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है तथा कई केंद्रीय अनुदान भी लंबित हैं।
