मुख्यमंत्री सुक्खू के ‘कुप्रबंधन’ से हिमाचल की आर्थिकी संकट में : जयराम ठाकुर

by

मित्रों’ पर मेहरबानी और केंद्र पर झूठे आरोपों की राजनीति नहीं चलेगी

मुख्यमंत्री को जेब में ‘बैक डेट’ की चिट्ठियां लेकर घूमना व ओछी राजनीति करना शोभा नहीं देता

एएम नाथ। कुल्लू :  कुल्लू के भुंतर में श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित “समर्पण दिवस” कार्यक्रम में शिरकत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने उनके अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रेरणादायी बताया, लेकिन साथ ही वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है जिसे सुक्खू जी तार-तार कर रहे हैं और जेब में ‘बैक डेट’ की चिट्ठियां लेकर घूमना व ओछी राजनीति करना उन्हें शोभा नहीं देता।
जयराम ठाकुर ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आंकड़ों सहित स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हिमाचल को 13वें वित्त आयोग की तुलना में कहीं अधिक ग्रांट मिली, लेकिन कांग्रेस सरकार ने हमेशा केंद्र को कोसने का ही काम किया है।
उन्होंने बताया कि जहां 2010-14 में मनमोहन सिंह सरकार के समय हिमाचल को मात्र 7800 करोड़ रुपये की आर.डी.जी. मिली थी, वहीं मोदी सरकार के दौरान 2015 से 2020 के बीच यह राशि 45000 करोड़ रुपये तक पहुंची। तब राज्य में कांग्रेस की वीरभद्र सिंह की सरकार भी रही लेकिन बिना भेदभाव राशि दी गई। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि 14वें और 16वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि RDG को धीरे-धीरे कम (टेपर डाउन) किया जाएगा और राज्यों को अपने संसाधन बढ़ाने होंगे, परंतु मुख्यमंत्री ने उचित मंच पर अपना पक्ष नहीं रखा और अब जब केवल हिमाचल ही नहीं बल्कि 17 अन्य राज्यों की भी RDG बंद हुई है, तो वे इसे केंद्र की साजिश बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए आनन-फानन में दस गारंटियां तो दे दीं, लेकिन अब उनका आर्थिक बोझ केंद्र पर डालना चाहते हैं, जो कि न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा को ‘विचलित करने वाली’ बताते हुए कहा कि सरकार अपने कुप्रबंधन का ठीकरा केंद्र पर फोड़कर जनता पर टैक्स का बोझ डालने और सुविधाएं छीनने की तैयारी कर रही है, जबकि दूसरी ओर ‘मित्रों’ को कैबिनेट रैंक और महंगी गाड़ियां बांटकर प्रदेश की संपदा को लुटाया जा रहा है। ऐसा लगता है मुख्यमंत्री पूरी तरह ख़ज़ल हो गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अगर आरजीडी मिली तो उन्होंने रिकॉर्ड सड़कें बनाई और इस कार्यकाल में हिम केयर, सहारा, शगुन जैसी जनहितैषी योजनाएं चलीं, जिन्हें वर्तमान सरकार ने बजट रोककर बंद कर दिया है। उन्होंने तंज कसा कि मुख्यमंत्री सरकार को एक छात्र संगठन की तरह चला रहे हैं और वित्त सचिव के माध्यम से खजाना खाली होने का रोना रोकर कर्मचारियों के भविष्य निधि तक को फ्रीज करने की नौबत ला सकते हैं।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के नाते वे सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज बने रहेंगे और मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर प्रदेश के हितों पर ध्यान दें, क्योंकि केवल शोर मचाने से उनकी ‘नालायकी’ नहीं छिपेगी। कार्यक्रम में पूर्व सांसद महेश्वर सिंह और स्थानीय विधायकों सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित रहे, जहां जयराम ठाकुर ने संकल्प दोहराया कि वे प्रदेश को बर्बादी की राह पर ले जाने वाली इस सरकार के विरुद्ध डटकर खड़े रहेंगे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

विधानसभा अध्यक्ष ने चुवाड़ी में की विकास कार्यों की समीक्षा

एएम नाथ। चंबा : कार्यों में उच्च गुणवत्ता व उसे न्यूनतम समय अवधि में पूरा करने सहित दिए अनेक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा है कि पंचायत राज संस्थाओं के जन...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

UGC NET की अनिवार्यता खत्म तो अब कैसे बनेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर? ….ड्राफ्ट नियमों में सब है

असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. यूनिवर्सिची ग्रांट कमीशन (UGC), असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए अब नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (UGC NET) जरूरी नहीं होगा । केंद्रीय शिक्षा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

आदर्श आचार संहिता से सम्बन्धित शिकायतों के समयबद्ध निपटारे व चुनावी व्यय पर कड़ी नज़र बनाए रखने के निर्देश

ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने बद्दी में नोडल अधिकारियों, सैक्टर अधिकारियों व सैक्टर मजिस्ट्रेट की बैठक की अध्यक्षता की बद्दी (सोलन ) ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज 51-नालागढ़...
article-image
हिमाचल प्रदेश

IAS संजय गुप्ता ने संभाला मुख्य सचिव का कार्यभार

एएम नाथ : शिमला। राज्य सरकार ने 1988 बैच के आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। उन्हें नगर एवं ग्राम नियोजन एवं आवास का कार्यभार भी सौंपा...
Translate »
error: Content is protected !!