मेरा घर-मेरे नाम’ योजना के तहत लाभार्थियों को जल्द दिए जाएंगे मालिकाना अधिकारों वाले कार्ड : DC आशिका जैन

by

संबंधित अधिकारियों को गांव स्तर की कमेटियों का जल्द से जल्द गठन करने के निर्देश

इंतकाल के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की निर्देश

होशियारपुर, 29 सितंबर: पंजाब सरकार द्वारा गांवों में लाल लकीर के दायरे में बने मकानों के मालिकाना अधिकार देने के लिए ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना के तहत जल्द ही लाभार्थियों को उनके प्रॉपर्टी कार्ड सौंपे जाएंगे। इस संबंधी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने आज यहां राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना की समीक्षा मीटिंग करते हुए कहा कि योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गांव स्तर की कमेटियों का जल्द गठन किया जाए, ताकि आवश्यक प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा किया जा सके। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए कि ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना के तहत विभिन्न सब-डिवीजनों में चल रही प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि लाभार्थियों को उनके प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को लंबित इंतकाल के मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की निर्देश दिए ।

जिला राजस्व अधिकारी अमनदीप चावला ने बताया कि ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना के तहत तहसील गढ़शंकर और चब्बेवाल के गांव गोहगढ़ों में 104 प्रॉपर्टी कार्ड तथा शामचुरासी के गांव बुब्ब में 26 कार्ड लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभार्थियों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करने के लिए गांवों में चल रही प्रक्रिया को समय पर पूरा करके उन्हें उनके मालिकाना अधिकारों वाले कार्ड सौंपे जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार द्वारा लाल लकीर के निवासियों को उनके घरों के स्वामित्व अधिकारों की कानूनी मान्यता प्रदान करने के लिए प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इससे लाभार्थी विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों के लिए अपनी संपत्ति का उपयोग कर सकते हैं। ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना लोगों को न केवल मालिकाना अधिकार प्रदान करती है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और मनोबल को भी मजबूत करती है, जिससे वे अपनी संपत्ति की खरीद-बिक्री कर सकते हैं।

मालिकाना अधिकार के लिए प्रॉपर्टी कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योजनाबद्ध तरीके से की जा रही है। इसके तहत राजस्व विभाग द्वारा पहले ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से गांव के सभी घरों का नक्शा तैयार किया जाता है। इसके बाद एक प्रारंभिक नक्शा (नक्शा-1) तैयार करके पटवारी, सरपंचों, नंबरदारों और गांव के अन्य प्रतिष्ठित लोगों की टीम के साथ मौजूदा स्थिति का पता लगाया जाता है।

उन्होंने बताया कि जमीनी वेरिफ़िकेशन के आधार पर सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा अंतिम नक्शा (नक्शा-2) तैयार किया जाता है, जिसमें घरों की नंबरिंग की जाती है। इसके बाद मालिकों का विवरण दर्ज करके नक्शे को गांव में सार्वजनिक किया जाता है।

इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर निधि कुमुद बंबाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

ऑस्ट्रेलिया में भारत के एक युवक की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा गर्दन पर घुटना मारे जाने के बाद मौत

आस्ट्रेलिया में एडिलेड के रॉयस्टन पार्क में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय मूल के नागरिक गौरव कुंदी (42) की मौत हो गई है. इस घटना ने ऑस्ट्रेलियाई पुलिस द्वारा...
article-image
पंजाब

सरकारी स्कूल पंडोरी बीत के इंस्पायर अवॉर्डी  रजनीश, धवनप्रीत व ध्रुव चौहान का विशेष सम्मान 

गढ़शंकर, 28 फरवरी: इंस्पायर अवार्ड के लिए राशि प्राप्त करने पर  सरकारी हाई स्कूल पंडोरी बीत के इंस्पायर अवॉर्डी रजनीश, धवनप्रीत व ध्रुव चौहान का विशे सम्मान किया गया। भारत सरकार के विज्ञान और...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

सरकारी स्कूल की 11 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला : शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट में केस दर्जकर कर दी जांच शुरू

एएम नाथ। शिमला  :  चौपाल थाना के अंतर्गत एक सरकारी स्कूल की 11 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट में...
Translate »
error: Content is protected !!