राज्यत्व दिवस की पूर्व संध्या पर पहाड़ी बोली में विशेष प्रार्थना सभा किया आयोजन
बीबीएन, 24 जनवरी : नालागढ़ के बारियां स्थित राज्य लक्ष्मी समविद् गुरूकूलम सैनिक स्कूल में हिमाचल पूर्ण राज्य की पूर्व संध्या पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में किया। इस प्रार्थना सभा की विशेष खासियत यह रही कि संपूर्ण प्रार्थना पहाड़ी बोली में संपन्न हुई, जबकि विद्यालय में हिमाचल प्रदेश सहित देश के अनेक राज्यों से आए विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस अभिनव प्रयास से विद्यार्थियों को स्थानीय लोकभाषा से जुडऩे का अवसर मिला तथा भाषाई समन्वय और सांस्कृतिक एकता की भावना प्रबल हुई।
सैनिक छात्र आरव गुप्ता के शब्द अज्ज मिंजु आपु पर गर्व होयरां कि हाऊँ तुहाँ सभी जो अपने राज्या री सुंदरता, संस्कृति कने प्रेम स्वभाव खातर मशहूर हा तिसरे बारे च दसणे जाया रां से जे देव भूमि रे नांवां ते काफी मशहूर हा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार झा ने अपने संदेश में कहा कि हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान उसकी भाषाओं और परंपराओं में निहित है। पहाड़ी बोली लोकसंस्कृति और ऐतिहासिक चेतना की संवाहक है। विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को संस्कृत, हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं से जोड़ते हुए उनका सर्वांगीण विकास करना है।
इस अवसर पर हिंदी अध्यापक प्रवीण शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशा-मुक्त, संस्कारपूर्ण एवं मूल्याधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया। नशा व्यक्ति के भविष्य को अंधकार की ओर ले जाता है, जबकि संस्कारपूर्ण शिक्षा चरित्र निर्माण और अनुशासन की नींव रखती है।
प्रार्थना सभा के आयोजक एवं विद्यालय समाचार समन्वयक सुनील कुमार शास्त्री ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान, बहुभाषी चेतना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं स्मरणीय रहा।
फोटोकैप्शन
नालागढ़ के बारियां स्थित राज लक्ष्मी समविद् गुरूकूलम सैनिक स्कूल में पहाड़ी भाषा में प्रार्थना सभा करते हुए
