लोग जो राहत सामग्री ला रहे थे अधिकारियों ने नाका लगवाकर राहत सामग्री एसडीएम को देने के लिए दबाव बनाया : जयराम ठाकुर

by

विधानसभा में नियम 67 के तहत चर्चा में बोलते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर

सरकार ने लोगों द्वारा भेजी गई आपदा राहत सामग्री को भी अपना बनाने की कोशिश की।

जो खुद नहीं कर सकते कुछ तो जो लोग कर रहे हैं उन्हें मेहरबानी करके करने दिया जाए।

आपदा में सरकार द्वारा जिस तरीके का रवैया अपनाया गया है वह बहुत दुर्भाग्य पूर्ण है।

हजार करोड़ का नुकसान हुआ और मुख्यमंत्री द्वारा दो करोड रुपए की सहायता कई किस्तों में दी गई। इसके बाद भी सरकार चाहती है कि हम उनकी वाहवाही करें।

लेकिन सरकार एक बार इस बात का मूल्यांकन करें कि उन्होंने जो किया है क्या वह सही है?
सरकार द्वारा पहुंचाई गई राहत पर्याप्त है?
डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी अगर सड़कें नहीं खुली हैं तो यह काम किसकाथा?

20 से ज्यादा जेसीबी मशीनें लगाकर हमने रास्ते खोले। और सरकार कुछ मशीनें लगा कर संख्या बताती है कि हमने इतनी मशीनें लगाई हैं।

सवाल यह नहीं है की कितनी मशीनें लगाई गई है? सवाल यह है की कितनी मशीनें लगाई जानी चाहिए थी जिससे कि समय फिर रास्ता खुल जाए?

सरकार को करना क्या चाहिए था उस पर बात कीजानी चाहिए? तरीके से लोगों को नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कैसे हो इस पर बात की जानी चाहिए।

सत्ता के संरक्षित नेताओं ने आपदा को एक अवसर बनाया और भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ गए।

जो रास्ते हमने लोगों से मशीनें मांग कर खोलें हैं आज कांग्रेस के नेता कहते हैं कि उन सड़कों का काम निकालो और टेंडर हमारे नाम पर बना कर उसका पैसा हमें दे दो। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में इस दर्जे का भ्रष्टाचार और नीचे दर्जे का कार्य हो रहा है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कैसे पहुंचाई जाए इसकी वजह सरकार वहां जो कुछ है उसे कैसे छीन जाए इस पर ही सारा ध्यान लगा कर रखाथा।

ढाई साल से ज्यादा समय से सरकार हॉर्टिकल्चर कॉलेज छीनना चाहती थी और आपदा के नाम पर वह काम सरकार ने किया।

फौरी राहत के 2500 रुपए देने में सरकार को हफ्तों लग गए। लेकिन 62 लोगों के खिलाफ मुकदमा करने में 1 मिनट भी नहीं लगा। इस तरीके में सरकार आपदा प्रभावितों के जख्मों पर मरहम लगाना चाहती है।

आपदा प्रभावितों के लिए सरकार अस्थाई शेल्टर बनाए जहां पर आपदा प्रभावितों को अस्थाई तौर पर बसाया जा सके।

सरकार की आंखों में पूर्व सरकार द्वारा बनवाए गए संस्थान और स्ट्रक्चर चुभ रहे हैं। इसलिए बार-बार उनका वह गलत तरीके से हवाला देती है। अगर सरकार को यह चीजें इतनी खल रही है तो वह बुलडोजर लेकर जाए और गिरा दे।

आपदा प्रभावितों के लिए सरकार अस्थाई शेल्टर बनाए जहां पर आपदा प्रभावितों को अस्थाई तौर पर बसाया जा सके।

इस आपदा के दौरान बहुत से अधिकारियों ने अच्छा काम किया है। उसके लिए मैं उन्हें साधुवाद देता हूं और उनका आभार व्यक्त करता हूं। जगह पर बहुत सुधार की जरूरत है सरकार को उस पर भी ध्यान देना चाहिए।

स्थानीय नेताओं की खींचतान हर जगह इतनी ज्यादा है जिसकी कोई बात नहीं।

………..एएम नाथ की रिपोर्ट

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

विनय मोदी ने संभाला एससी आयोग के सदस्य सचिव का कार्यभार

रोहित जसवाल। ऊना, 21 फरवरी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विनय मोदी ने शुक्रवार को ऊना के रामपुर स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के स्थायी सदस्य सचिव के रूप में...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

चुनाव में ड्रग मनी का इस्तेमाल – 5600 करोड़ रुपए के ड्रग रैकेट खुलासे के बाद बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

दिल्ली :  दिल्ली में 5600 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद होने के बाद हंगामा मचा है। मामले को लेकर राजनीति तेज हो गई है। ड्रग रैकेट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और कई...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बारिश के बाद बहाली का काम तेज : हिमाचल प्रदेश में 152 सड़कें अभी भी बंद

एएम नाथ । शिमला :  हिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी बारिश के बाद बुधवार को जरूरी सेवाओं की बहाली के काम में तेजी आई। अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे सफाई अभियानों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

उपमुख्यमंत्री ने ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा का उद्घाटन किया बोले..गरीबों की सेवा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें बैंक

रोहित जसवाल/ एएम नाथ। ।  श्री चिंतपूर्णी (ऊना), 3 जनवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा परिसर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर...
Translate »
error: Content is protected !!