विधानसभा में गूंजा पांगी का मामला, MLA बोले- ‘सब जानते थे…..CM ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश, अधिकारियों पर गिरेगी गाज!

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एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की दुर्गम क्षेत्र पांगी घाटी से आई एक शर्मनाक घटना ने आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया हुआ है। पांगी के एक अनाथ नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म का मामला आज विधानसभा सत्र में भी गूंजा। स्थानीय विधायक डॉ. जनक राज ने कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर और तीखे सवाल दागे।

विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि यह एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक घटना है। उन्होंने बताया कि इस घिनौनी वारदात के बारे में पांगी के लगभग हर आम व्यक्ति को पता था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इसकी कोई भनक तक नहीं लगी। उन्होंने कहा, “जब मैं पांगी के दौरे पर था, तो मैंने खुद पांगी पुलिस, आवासीय आयुक्त (RC) और यहां तक कि डीसी चंबा को भी इस मामले से अवगत करवाया था। लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई होने में छह दिन लग गए। यह अधिकारियों की सरासर नाकामी है या सरकार की खामी है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक अनाथ नाबालिग बच्ची के साथ इतनी बड़ी घटना हो जाती है, लेकिन पांगी के अधिकारी बेखबर रहते हैं, यह कैसे संभव है?

CM सुक्खू ने दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा : विधायक के आरोपों और मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य मंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन को आश्वासन दिया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा मैं 15 अप्रैल को खुद पांगी के दौरे पर था, लेकिन उस दौरान भी यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं लाया गया। जैसे ही हमें इस बारे में जानकारी मिली तो तुरंत पुलिस के उच्च अधिकारियों को आदेश देकर सख्त कार्रवाई शुरू करवाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। उन्होंने कहा इस मामले में जो भी अधिकारी शामिल है या जिसकी भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगा।

मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद यह तय माना जा रहा है कि इस मामले में अब बड़े स्तर पर जांच होगी। इस जांच की आंच पांगी अनाथ आश्रम के अधिकारियों से लेकर पांगी प्रशासन के कई बड़े अधिकारियों तक पहुंच सकती है। अगर जांच में उनकी लापरवाही या मामले को दबाने की कोशिश सामने आती है, तो उन पर गाज गिरना तय है।

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