शिक्षा के लिए जीडीपी का सिर्फ 2.44 फीसदी हिस्सेदारी रखना काफी नहीं: डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट

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डीटीएफ बजट में समानता के आधार पर लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया
कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन, ग्रामीण और सीमा क्षेत्र भत्ता बहाली को नामंजूर होई सरकार
गढ़शंकर । डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब ने आप सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट को शिक्षा और कर्मचारी हितों के लिहाज से निराशाजनक बजट करार दिया है। डीटीएफ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम देव सिंह, महासचिव मुकेश कुमार, वित्त सचिव अश्विनी अवस्थी, सुखदेव डानसीवाल जिलाध्यक्ष होशियारपुर व इंद्रसुखदीप सिंह जिला सचिव मनजीत सिंह दसूहा, सतपाल कलेर व मंजीत सिंह ने कहा कि पंजाब बजट 2023-24 में शिक्षा क्षेत्र में मात्र 2.44 प्रतिशत इसके लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का हिस्सा रखा गया है। यह शिक्षा आयोगों द्वारा जीडीपी का कम से कम 6 प्रतिशत बजट खर्च करने की सिफारिश से बहुत कम है। इसी तरह पंजाब के सभी अध्यापकों और स्कूल प्रधानाध्यापकों को सुचारू रूप से प्रशिक्षण और शोध कार्य संचालित करने के लिए सभी जिला शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में स्टाफ और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के बजाय कुछ चुनिंदा अधिकारियों को इस काम के लिए सिंगापुर भेजा कर काम चलाया जा रहा है।
पंजाब की अपनी शिक्षा नीति बनाने और सभी 19,200 सरकारी स्कूलों में सुधार करने के बजाय मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति-2020 की निजीकरण, केंद्रीकरण और भगवाकरण को लागू करने और स्कूल आफ एमिनेंस के नाम पर पड़ोस के स्कूलों में छात्रों से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार छीनने की तैयारी की जा रही है ।
इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा भी आप सरकार का राजनीतिक बयान साबित हुया है, क्योंकि शेयर बाजार के जोखिम से जुड़ी राष्ट्रीय पेंशन योजना को रद्द कर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने का बजट में नहीं देखा गया। बजट में प्री-प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्रों को प्रति वर्ष यूनिफॉर्म के दो सेट देने, कर्मचारियों के रोके गए ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्र भत्ते की बहाली और 17 जुलाई 2020 के बाद लागू नए वेतनमान के स्थान पर पंजाब वेतनमान की बहाली का भी बजट का प्रावधान नहीं रखा है।
बजट में 26000 पदों को भरने की बात को झूठ करार देते हुए नेताओं ने कहा कि शिक्षा विभाग में 5 जनवरी 2023 को 4161 मास्टर कैडर शिक्षकों को केवल प्रसताव पत्र देकर ढाई माह बीत जाने के बाद भी स्टेशन चयन प्रक्रिया को नही किया गया और न ही प्राइमरी के 5994 व 2364 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई है।

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