गढ़शंकर। संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर एसडीएम गढ़शंकर दफ्तर के सामने गोपाल थांदी, कश्मीर सिंह भज्जल और ज्ञानी अवतार सिंह की अध्यक्षता में धरना लगाया गया। कामरेड दर्शन सिंह मट्टू, महिंदर कुमार बड्डोआण, शिगारा राम भज्जल और शुभाष मट्टू ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने तीन काले कानून पास किए थे। जिसके चलते 700 से अधिक किसानों की शहादतों के बाद उन्हें वापस कराया गया था, लेकिन मोदी सरकार ने वादा करने के बावजूद एमएसपी का कानून नहीं बनाया और फिर से काले कानून ला रही है।
उन्हीनों ने मांग की कि बिजली बिल 2025, सीड बिल 2025 रद्द किए जाएं, अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता रद्द किया जाए, मनरेगा योजना बहाल की जाए, मजदूरों और किसानों के कर्ज माफ किए जाएं, चार लेबर कोड रद्द किए जाएं, मजदूरों और किसानों को 58 साल के बाद 10000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रद्द की जाए और प्राइवेट खेती मंडीकरण नीति को रद्द किया जाए।
उन्हींनों ने कहा कि यदि सरकार ने उक्त बिल रद्द नहीं करती, तो किसान, मजदूर और इंसाफ पसंद लोग एकजुट होकर देश में संघर्ष तेज करेंगे। इस दौरान गांव नूरपुर जट्टा में बाबा साहिब डॉक्टर भीम राव अंबेडकर साहिब की मूर्ति की तोड़फोड़ करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की गई। इस मौके पर गुरबख्श कौर चक्क गुरु, नीलम बड्डोआण, गोपाल राम, कुलविंदर सिंह संघा, जुझार सिंह मट्टू, गिरधारी लाल, भाग सिंह, रोशन लाल पंडोरी, प्रमोद, गुरनाम सिंह लल्लिया, दिलबाग सिंह, सुखविंदर कौर, छिंदो, हरमेश लाल, नरेश कुमार, भूपिंदर सैनी, तरसेम लाल, गुरमेल कलसी, दौलत कुकड़ मजारा, जोगिंदर सिंह थांदी, महिंदर सिंह मट्टू और अमरीक सिंह ने संबोधित किया। मंच संचालन की कार्रवाई महिंदर कुमार बड्डोआण ने की।
