पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 22 जून।
प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत संस्थानों की बिजली आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे तथा इन्हें नेट मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से विद्युत ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इससे जरूरत से अधिक उत्पन्न होने वाली बिजली ग्रिड में भेजी जा सकेगी, जिससे ऊर्जा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि सरकारी संस्थानों के बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी लाएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सतत विकास और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सोलर पैनलों की स्थापना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में अन्य सरकारी भवनों में भी इस प्रकार की परियोजनाओं को विस्तार दिया जाएगा।
नायब सिंह सैनी ने कहा, “यह पहल ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संस्थानों के बिजली खर्च में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।”
प्रदेश सरकार की इस योजना को स्वास्थ्य एवं ऊर्जा क्षेत्र में एक दूरदर्शी और जनहितकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को नई गति मिलेगी।