‘मदर टेरेसा या नेल्सन मंडेला थीं क्या?’—अजय जोशी की टिप्पणी पर विवाद; दिवंगत प्रोफेसर के योगदान और स्मृति समारोह पर उठाए सवाल
एएम नाथ। शिमला /ऊना। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दिवंगत पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर आयोजित स्मृति एवं सम्मान समारोह को लेकर भाजपा नेता अजय जोशी की टिप्पणी से हिमाचल की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। जोशी की टिप्पणियों को लेकर इंटरनेट मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी भाजपा नेता की टिप्पणी को शर्मनाक बताया है।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक अजय जोशी ने 29 सितंबर को हरोली में आयोजित कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने पूछा कि क्या सिम्मी अग्निहोत्री मदर टेरेसा या नेल्सन मंडेला थीं, जिनके नाम पर इस तरह के बड़े आयोजन किए जाएं। उन्होंने कार्यक्रम को सहानुभूति की राजनीति और स्टंट करार दिया।
जोशी ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि दिवंगत पत्नी के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कार्यक्रम में कलाकार को बुलाए जाने और विद्यार्थियों को कथित रूप से राजनीति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हरोली में कई अन्य बड़े व्यक्तित्व हुए हैं और किसी स्वतंत्रता सेनानी या अन्य नेता के नाम पर स्कूल-कॉलेज का नाम रखा जा सकता था। जोशी ने मुकेश अग्निहोत्री को सहानुभूति की राजनीति बंद करने की चुनौती भी दी। भाजपा नेता ने प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की नौकरी और शिक्षा क्षेत्र में योगदान पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वह विश्वविद्यालय में पढ़ाने के बजाय हरोली में बैठकर वेतन लेती थीं।
हालांकि, प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रही थीं और उनके निधन के बाद उन्हें शिक्षाविद् के रूप में श्रद्धांजलियां दी गई थीं। जोशी की ओर से लगाए गए नौकरी संबंधी आरोपों पर इस खबर के लिए कोई स्वतंत्र दस्तावेजी पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती के अवसर पर 29 सितंबर को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय हरोली में स्मृति एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शामिल हुए थे और पंजाबी गायक गुरदास मान ने प्रस्तुति दी थी। कार्यक्रम में शिक्षा, शोध और सामाजिक क्षेत्र में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान को याद किया गया।
प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री का फरवरी 2024 में निधन हुआ था।
बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
अजय जोशी की टिप्पणी सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। कई लोगों ने दिवंगत प्रोफेसर के बारे में की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। वहीं, उनके समर्थक इसे राजनीतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक संस्थानों के राजनीतिक इस्तेमाल पर उठाया गया सवाल बता रहे हैं।