सीएम सुक्खू बोले- मुझे शुगर नहीं : सीएम की शुगर रिपोर्ट 177 आने पर खुली पुरानी मशीनों की पोल, अब बदलेंगे 15 साल पुराने उपकरण

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10 से 15 साल पुरानी एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें बदलने के निर्देश; मेडिकल कॉलेजों में 30 करोड़ तक की लागत से बनेंगी ऑटोमेशन लैब

एएम नाथ।  शिमला, 28 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सरकारी अस्पतालों में पुरानी जांच मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इन्हें बदलने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि एक सरकारी अस्पताल में नियमित जांच के दौरान पुरानी मशीन ने उनकी ब्लड शुगर रिपोर्ट 177 दिखाई, जबकि उन्हें पहले कभी शुगर की बीमारी नहीं रही। संबंधित चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अब उस मशीन को बदल दिया गया है।

मुख्यमंत्री बुधवार को राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधीक्षक शामिल हुए।

गलत रिपोर्ट से मरीजों को परेशानी, अधिकारी बताएं वास्तविक स्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि क्षेत्रीय अस्पतालों में जांच मशीनों की ऐसी स्थिति है तो स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक समस्याएं खुलकर सामने रखें, ताकि उनका समय पर समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि गलत जांच रिपोर्ट से मरीजों को मानसिक तनाव के साथ आर्थिक और शारीरिक परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

10 से 15 साल पुरानी मशीनें बदलने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय अस्पतालों में लगी 10 से 15 साल पुरानी एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने ऐसी मशीनों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को विश्वसनीय जांच सुविधाएं मिल सकें।

पांच मेडिकल कॉलेजों में बनेंगी अत्याधुनिक लैब

सुक्खू ने बताया कि जांच में तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में 28 से 30 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब स्थापित की जाएंगी। पहले चरण में आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज, चंबा, हमीरपुर और नेरचौक में यह सुविधा शुरू करने की योजना है।

826 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर

स्वास्थ्य सेवाओं में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए मंत्रिमंडल ने 300 चिकित्सा अधिकारियों, 250 एमटीएस, 200 स्टाफ नर्स और 76 ऑपरेशन थियेटर सहायकों के पद मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया।

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस विद्यार्थियों को 60-60 के छोटे बैच में पढ़ाने के निर्देश भी दिए। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा।

 

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