सुक्खू ऐसे पहले सीएम जिनकी कार्यशैली को वर्ल्ड बैंक ने भी सराहा: विधायक केवल सिंह पठानिया

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आपदा प्रभावितों के दुख तकलीफों को दूर करने में नहीं रखी कोई कमी, राहत और पुनर्वास के लिए प्रत्येक जिला में गठित की कमेटियां
धर्मशाला, 29 जुलाई। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिनकी कार्यकुशलता और आपदा से निपटने के प्रबंधन को वर्ल्ड बैंक ने भी सराहा है। यह हिमाचल के लोगों के लिए गर्व की बात है। शाहपुर में आपदा प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से राज्य को बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राहत कार्यों को लेकर ग्राउंड जीरो पर डटे रहे तथा प्रभावितों के दुख दर्द बांटने के लिए भी उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि आपदा आने के बाद से शिमला से राहत और बचाव कार्य का जायजा लेने के बजाय मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरकर मोर्चा संभाला है। उन्होंने कहा कि वहीं अब भी रात दिन राहत और बचाव कार्य पर पूरी नजर रखे हुए हैं, अधिकारी और प्रशासनिक अमले को उचित दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में भारी बारिश के कारण आई आपदा के मूल्यांकन के लिए प्रत्येक जिला में एक राहत तथा पुनर्वास समिति का गठन भी किया गया है ताकि प्रभावित लोगों को किसी भी तरीके की दिक्कत नहीं झेलनी पड़े।
केवल पठानिया ने कहा कि राज्य में आए पर्यटक और अतिथियों को सही-सलामत बाहर निकालने की मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता के चलते दो दिनों में 60 हजार से अधिक पर्यटकों को राज्य से सुरक्षित अपने घर भेजा गया। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता के चलते कुल्लू में 48 घंटों में आंशिक तौर पर बिजली व पानी की आपूर्ति बहाल करवाई है। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं को रिस्टोर करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की राहत राशि जारी करते हुए संवेदनशीलता का परिचय दिया। वहीं राहत राशि में बढ़ोतरी करते हुए सभी प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की तत्परता के चलते प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ एवं भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है।
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